ईरान में जारी भीषण सूखे ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। राजधानी तेहरान के बाद अब देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर मशहद भी गंभीर जल संकट से जूझ रहा है।
ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, मशहद के जलाशयों में भंडारण क्षमता 3 प्रतिशत से नीचे गिर चुकी है। शहर की जल आपूर्ति कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुसार मशहद के सभी प्रमुख बांध लगभग खाली हो चुके हैं और अब जल प्रबंधन अत्यावश्यक हो गया है।
हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेशकेशियन ने चेतावनी दी थी, “अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई, तो अगले महीने तेहरान में पानी की आपूर्ति सीमित करनी पड़ेगी। अगर सूखा जारी रहा, तो संभव है कि हमें पानी से वंचित होना पड़े और शहर खाली कराना पड़े।”
राष्ट्रपति ने जल एवं ऊर्जा संसाधनों के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए मौजूदा स्थिति को “अत्यंत चिंताजनक” बताया।
- शांति वार्ता फ्लॉप! डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से भड़के ईरान ने बातचीत बीच में छोड़ी, कहा- ‘हमारी सेना…’

- अमेरिका-ईरान संघर्षविराम में पाकिस्तान की ऐतिहासिक मध्यस्थता; वैश्विक कूटनीति में बढ़ा क़द

- G7 Summit: पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय वार्ता; ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ का खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी

- ईरान-अमेरिका ऐतिहासिक समझौता: सुरक्षा कारणों से बदला गया हस्ताक्षर समारोह का स्थान, अब स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में होगा आयोजन

- ऐतिहासिक शांति समझौता: राष्ट्रपति ट्रम्प ने की ईरान के साथ डील की घोषणा, नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त

- जी7 शिखर सम्मेलन: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद

