नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व छात्र और वर्तमान राज्यसभा सांसद जावेद अली खान ने विश्वविद्यालय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने वादे के मुताबिक जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्राओं के हॉस्टल निर्माण के लिए अपने MPLADS (सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना) फंड से 50 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि आवंटित कर दी है।
सांसद जावेद अली खान द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह धनराशि जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में ’16 बेड वाले स्कूल गर्ल्स हॉस्टल (राइट विंग)’ के निर्माण के लिए डायवर्ट की गई है। इसके लिए उन्होंने डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल जोन, MCD, लाजपत नगर) को पत्र लिखकर जामिया प्रशासन के समन्वय के साथ फंड को जल्द से जल्द रिलीज करने का अनुरोध किया है।

‘ओल्ड बॉयज फंक्शन’ में किया था वादा
गौरतलब है कि हाल ही में जामिया मिलिया इस्लामिया में ‘ओल्ड बॉयज फंक्शन’ (पूर्व छात्र सम्मेलन) का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी समारोह में जामिया के कार्यवाहक कुलपति (VC) प्रो. मजहर आसिफ और भारी संख्या में पूर्व छात्रों की मौजूदगी थी।
इसी कार्यक्रम के मंच से राज्यसभा सांसद जावेद अली खान, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता कमाल अख्तर, सपा नेता गुड्डू जमाली, ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान और सांसद मुहिबुल्लाह नदवी ने विश्वविद्यालय की तरक्की और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर संभव मदद का सामूहिक वादा किया था।
वादे पर खरे उतरे जावेद अली, दूसरों से भी उम्मीदें बढ़ीं
राजनीति में अक्सर वादे ठंडे बस्ते में चले जाते हैं, लेकिन जावेद अली खान ने कार्यक्रम के कुछ ही दिनों के भीतर फंड अलॉट करके मिसाल कायम की है। उनके इस त्वरित कदम के बाद अब जामिया बिरादरी की निगाहें मंच पर मौजूद अन्य दिग्गज पूर्व छात्रों और नेताओं पर टिकी हैं, जिन्होंने विश्वविद्यालय की मदद का संकल्प लिया था। उम्मीद की जा रही है कि जावेद अली से प्रेरणा लेकर अन्य नेता भी जल्द ही अपनी घोषणाओं को अमली जामा पहनाएंगे।
जामिया बिरादरी में हर्ष का माहौल
सांसद जावेद अली खान के इस सराहनीय कार्य की जामिया के शिक्षकों, छात्रों और पूर्व छात्रों (एलुमनाई नेटवर्क) के बीच जमकर तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर कैंपस के गलियारों तक लोग उनके इस कदम को सलाम कर रहे हैं। जामिया बिरादरी का कहना है कि छात्राओं के लिए हॉस्टल की सुविधा बढ़ने से दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सकेगा।
कार्यक्रम का महत्व
जश्न-ए-जौहर की परंपरा जामिया की स्थापना के दौर से चली आ रही है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापकों में से एक थे और स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कार्यक्रम के माध्यम से जामिया पूरे देश और विदेश से आने वाले अपने लाखों एल्युमनाई को सम्मानित करता है, उन्हें याद करता है जिन्होंने संस्था के विकास में योगदान दिया है।
इस साल के जश्न-ए-जौहर को इसके आयोजकों- नदीम चौधरी, कय्यूम ख़ान, सैय्यद काज़िम और मो. ज़ुबैर आदि ने एक विशेष तरीके से डिजाइन किया था जिसमें कई सांस्कृतिक और सामाजिक तत्व शामिल थे।
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