वैश्विक परिस्थितियों के दृष्टिगत मुरादाबाद मण्डलायुक्त ने जारी किए 14 बिंदुओं के निर्देश, सरकारी वाहनों में होगी 50% कटौती

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मुरादाबाद: वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती ईंधन खपत को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए मण्डलायुक्त ने मंडल के सभी जनपदों (मुरादाबाद, बिजनौर, सम्भल, अमरोहा और रामपुर) के लिए 14 बिंदुओं के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

कमिश्नर ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों, जिलाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को इन निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

सरकारी वाहनों में 50% तक की जाएगी कटौती

जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, सभी सरकारी और शासकीय कार्यालयों के सरकारी या किराये के वाहनों की समीक्षा की जाएगी। अनावश्यक वाहनों में तत्काल 50 प्रतिशत तक की कटौती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, मंडलीय बैठकों और प्रशासनिक कार्यक्रमों में एक ही जनपद के अधिकारियों को समूह में एक ही वाहन का उपयोग करने (वाहन पूलिंग) की सलाह दी गई है, ताकि अलग-अलग वाहनों से होने वाले ईंधन के अपव्यय को रोका जा सके।

‘वर्क फ्रॉम होम’ और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा

ईंधन और ऊर्जा की बचत के लिए मंडल के ऐसे सभी शासकीय और अर्द्धशासकीय कार्यालयों में जहां कार्य की प्रकृति अनुमति देती है, वहां सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) की व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है। इसके अतिरिक्त, मंडल और जनपद स्तर की समीक्षा बैठकें, सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम यथासंभव वर्चुअल माध्यम से ही आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

‘नो व्हीकल डे’ का होगा आयोजन

मण्डलायुक्त ने अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने निजी वाहन के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या अन्य सामूहिक साधनों का उपयोग करें। जनपद स्तर पर इस ‘नो व्हीकल डे’ (No Vehicle Day) की तिथि संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा अधिसूचित की जाएगी, ताकि शासकीय कर्मी समाज के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकें। इसके अलावा, कार्यालय समय के सरलीकरण (स्टैगरिंग) पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत को कम किया जा सके।

बिजली और जनरेटर के उपयोग पर कड़े नियम

  • अनावश्यक बिजली पर रोक: सभी सरकारी भवनों, परिसरों और कार्यालयों में अनावश्यक विद्युत उपयोग को पूर्णतः रोकने के निर्देश दिए गए हैं। व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों और प्रतिष्ठानों में रात्रि 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का न्यूनतम उपयोग करने को कहा गया है।
  • जनरेटर का विवेकपूर्ण इस्तेमाल: डीजल और पेट्रोल जनरेटर सेट के नियमित उपयोग से बचने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने की सलाह दी गई है। हालांकि, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और परीक्षा केंद्रों जैसी आपातकालीन व संवेदनशील जगहों पर निर्बाध बिजली व्यवस्था बनी रहेगी।
  • सोलर और पीएनजी नेटवर्क: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से समन्वय स्थापित कर पीएनजी (PNG) नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया गया है।

खान-पान में तेल की खपत कम करने की अपील

बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और स्वास्थ्यगत कारणों के मद्देनजर, मण्डलायुक्त ने खान-पान में भी तेल की खपत कम करने का अनूठा आह्वान किया है। मण्डलाधीन सभी शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टलों, सरकारी कैंटीन, मिड-डे मील और पुलिस मेस में खाद्य सामग्री में तेल का उपयोग कम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और स्ट्रीट फूड संचालकों से समन्वय कर कम तेल वाले खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने की अपील की गई है।

ई-वाहनों और सार्वजनिक परिवहन पर विशेष बल

शहरों में प्रदूषण और ईंधन की निर्भरता को कम करने के लिए मुरादाबाद नगर निगम और अन्य नगर निकायों में संचालित इलेक्ट्रिक बसों, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों और ई-वाहनों के अधिक से अधिक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा सीएनजी, पीएनजी, कार पूलिंग और साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

मण्डलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इन निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन होना चाहिए। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस संबंध में की गई प्रगति की पाक्षिक (Fortnightly) रिपोर्ट कमिश्नर कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

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