Cockroach Janta Party Protest: जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रदर्शन: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी

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नई दिल्ली: परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज, 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। यह प्रदर्शन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में प्रस्तावित है। इस घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं और राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

12 जोन में बंटी दिल्ली, 2000 जवान तैनात

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से छात्र, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हो सकते हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए नई दिल्ली जिले को 12 जोन में विभाजित किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए करीब 2,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवासों के आसपास भी बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है।

सीजेपी का तंज: इस बीच, सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर दिल्ली पुलिस की तैयारियों का एक वीडियो साझा करते हुए तंज कसा— “कॉकरोचों को रोकने के लिए पूरी तरह कड़ी व्यवस्था की गई है, आज ही बैरिकेडिंग लगाई गई है।” संगठन का नारा है, ‘कॉकरोच डरते भी नहीं, कभी मरते भी नहीं’।

सोनम वांगचुक का भी मिला समर्थन

इस आंदोलन को मशहूर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि यदि 5 जून तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। आंदोलन के मुख्य सूत्रधार अभिजीत दीपके अमेरिका से लौटकर खुद इस मोर्चे की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने समर्थकों से दिल्ली एयरपोर्ट पर जुटने की अपील भी की थी।

बिना अनुमति के प्रदर्शन की तैयारी, पुलिस की पैनी नजर

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए आयोजकों की ओर से अब तक कोई औपचारिक आवेदन या अनुमति पत्र नहीं मिला है। पुलिस को इस आंदोलन की पूरी जानकारी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन संदेशों से मिली है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की है। खुफिया एजेंसियां भी इस इनपुट पर काम कर रही हैं कि क्या कुछ राजनीतिक दल इस प्रदर्शन को पीछे से समर्थन दे रहे हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी और कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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