अखंड भारत का संकल्प: ‘न बांग्लादेश न पाकिस्तान, हमें चाहिए पूरा हिन्दुस्तान’ — मज़ाहिर रुहेला पठान

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मुरादाबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार के मार्गदर्शन में मंच के राष्ट्रीय संयोजक मज़ाहिर रुहेला पठान ने देश के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। महान शायर अजमल सुल्तानपुरी के प्रसिद्ध कलाम ‘कहाँ है मेरा हिंदुस्तान…’ की पंक्तियों को याद करते हुए उन्होंने ‘अखंड भारत’ के संकल्प को दोहराया।

मज़ाहिर पठान ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मुख्य सपना एक ऐसे भारत का निर्माण करना है, जहाँ सभी देशवासी आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ रहें। उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “न बांग्लादेश न पाकिस्तान… मेरी आशा मेरा अरमान, वो पूरा-पूरा हिन्दुस्तान।”

पुरखों की साझी विरासत और अखंड भूगोल

कलाम की पंक्तियों ‘वो मेरे पुरखों की जागीर, कराची लाहौर औ कश्मीर…’ का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि भले ही राजनीतिक सरहदों ने नक्शे पर विभाजन कर दिया हो, लेकिन कराची, लाहौर और कश्मीर आज भी हमारी रूहानी व ऐतिहासिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। ‘शेर की सी तस्वीर’ वाला वह पूरा भारत हमारे पुरखों की साझी धरोहर है, जिसे स्मृतियों और संकल्पों से अलग नहीं किया जा सकता।

राम, रहीम और सूफी-संतों की पावन धरा

मज़ाहिर पठान ने भारत की सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि हमारा अखंड भारत वह पवित्र भूमि है जहाँ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और योगेश्वर श्रीकृष्ण अवतरित हुए। यह वही धरा है जहाँ कबीर, तुलसी और रसखान ने प्रेम का पाठ पढ़ाया और ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती (ग़रीब नवाज़) ने अपनी रूहानी मोहब्बत से दिलों को जोड़ा। इस साझी विरासत का सम्मान करना ही अखंड भारत की सच्ची नींव है।

दिलों के बँटवारे को मिटाने का आह्वान

शायर अजमल सुल्तानपुरी की पंक्ति ‘मिटा कर कुम्बों की तक़्सीम, जो कर दे हर क़ालिब एक जान…’ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम राष्ट्रीय मंच इसी दायित्व को निभा रहा है। मंच का मुख्य ध्येय धर्म और जातियों की दीवारों को तोड़कर हर दिल को ‘एक जान’ बनाना और अखंड भारत की भावना को जाग्रत करना है।

राष्ट्र के नाम संदेश: “भारत केवल ज़मीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी माँ है। अजमल सुल्तानपुरी साहब ने जिस ‘पूरे-पूरे हिन्दुस्तान’ को अपनी नज़्म में ढूँढा था, उसे हमें आज एकता, भाईचारे और देशभक्ति के बल पर वापस पाना है। आइए, दिलों की दूरियाँ मिटाकर अपने पुरखों की इस महान धरती को पुनः आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से ‘अखंड भारत’ बनाएँ।”

इस संदेश के साथ ही उन्होंने ‘जय हिन्द! जय भारत! अखंड भारत अमर रहे!’ के नारों के साथ देशवासियों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील की है।

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