नई दिल्ली: कांग्रेस कल (गुरुवार) से देशव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान के तहत पार्टी का विशेष फोकस उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पर रहेगा। कार्यक्रम के दौरान देश में पेपर लीक, भर्तियों में देरी और बेरोजगारी जैसे छात्रों व युवाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
कोटा के बाद अब प्रयागराज में जुटेंगे छात्र
राजस्थान के कोटा में छात्रों के साथ सीधे संवाद के बाद, अब लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचेंगे। कोटा में कांग्रेस की ‘छात्रों की गूंज’ पहल के तहत उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनी थीं, और अब ऐसा ही भव्य कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा। जुलाई के दूसरे सप्ताह में होने वाली इस विशेष रैली के लिए छात्रों और युवाओं को एकजुट करने के मकसद से कांग्रेस ने 25 जून 2026 से बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
अनिल यादव को मिली कमान, पूरे महीने चलेगा अभियान
कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण अभियान की कमान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अनिल यादव को सौंपी है। वह प्रयागराज में होने वाले छात्र कार्यक्रम की बागडोर संभालेंगे। इसके साथ ही, छात्रों पर केंद्रित इस महीने भर चलने वाले अभियान की निगरानी का जिम्मा भी उन्हीं के पास रहेगा। अभियान के केंद्र में पेपर लीक, नियुक्तियों में देरी, बेरोजगारी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभाव जैसे मुद्दे रहेंगे।
अभियान की मुख्य रणनीतियाँ:
- सड़क से संवाद तक: कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे प्रयागराज में नुक्कड़ सभाएं, नुक्कड़ नाटक, पर्चा वितरण और मशाल जुलूस निकालेंगे।
- नागरिक समाज की भागीदारी: छात्रों, शिक्षकों और सिविल सोसाइटी के लोगों के साथ बैठकें की जाएंगी।
- डिजिटल कनेक्ट: युवाओं को जोड़ने के लिए एक ‘मिस्ड कॉल कैंपेन’ भी शुरू किया जा रहा है।
- अन्य राज्यों में विस्तार: प्रयागराज के अलावा, कांग्रेस इसी तर्ज पर पटना और दिल्ली में भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है।
यूपी कांग्रेस के महासचिव अनिल यादव ने कहा, “प्रयागराज ऐतिहासिक रूप से छात्र राजनीति का केंद्र रहा है। राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों और चिंताओं को बेहद प्रभावशाली तरीके से उठा रहे हैं।” पार्टी नेताओं के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य छात्रों की शिकायतों को एक बड़े राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाना है। इसमें कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठनों के अलावा अन्य संगठनों और पूर्व छात्र संघ नेताओं को भी जोड़ा जाएगा।
‘कोटा स्टाइल’ में होगी तैयारी
अगले 15 दिनों में कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न परिसरों (कैंपसों) और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच जाकर एक बड़ा राजनीतिक माहौल तैयार करेंगे। हालांकि, राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन तैयारियां पूरी तरह से ‘कोटा स्टाइल’ कार्यक्रम की तर्ज पर की जा रही हैं।
प्रयागराज को चुनने के पीछे की राजनीतिक रणनीति
कांग्रेस का यह अभियान ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विसंगतियों को लेकर छात्र लगातार सड़कों पर हैं। हाल के महीनों में छात्रों ने पेपर लीक, उत्तर कुंजी (आंसर की) और मूल्यांकन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। सरकारी नौकरियों में बैकलॉग और भर्तियों में देरी भी बड़ा मुद्दा बनी हुई है।
ऐसे में शिक्षा के सबसे बड़े केंद्रों में से एक, प्रयागराज को चुनना कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति है। 2024 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद सीट से कांग्रेस के उज्ज्वल रमन सिंह ने जीत दर्ज की थी, जिससे पार्टी को नेहरू-गांधी परिवार के इस ऐतिहासिक गढ़ में फिर से मजबूत पैर जमाने का मौका मिला है। कांग्रेस इस अभियान के जरिए पहली बार वोट देने वाले (First-time Voters) और युवा वर्ग के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करना चाहती है।
- कांग्रेस का देशव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कल से; प्रयागराज पर विशेष फोकस, देशभर में होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

- देश की शिक्षा प्रणाली ‘एक्सटोर्शन मशीन’, बच्चों को दबाती और कुचलती है; इसे बदलना होगा: राहुल गांधी

- शामली धर्मांतरण विवाद: “अल्हम्दुलिल्लाह, मैं मुसलमान हूँ, किसी ने दबाव नहीं डाला”— आयुष मलिक का बड़ा बयान

- सोनम वांगचुक ने किया विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

- गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे के साथ मनाएं ईद-उल-अज़हा, सोशल मीडिया पर न डालें कुर्बानी की तस्वीरें: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

- ग़ज़वा-ए-हिंद अब महज़ बकवास, छेड़ा तो दुनिया के नक्शे से मिट जाओगे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के नेता मज़ाहिर ख़ान की दोटूक

- कैराना में 149वां मुफ्त यूनानी मेडिकल कैंप आयोजित: हकीम अजमल खान को ‘भारत रत्न’ देने की उठी मांग

- Stray Dogs Case Verdict: ‘बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर हो विचार’, आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

