तेहरान, 21 जून: ईरान ने कहा है कि वह इज़राइल-समझौते के पालन और उसके प्रभावी प्रवर्तन के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) द्वारा ठोस आश्वासन दिए जाने पर कूटनीतिक वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने समाचार चैनल ‘अल जज़ीरा’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में यह बात कही।
उप विदेश मंत्री खतीबजादेह ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका इस मामले में गंभीर है और वह यह सुनिश्चित करता है कि समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन होगा तथा इज़राइल को उन शर्तों को लागू करने के लिए बाध्य किया जाएगा, तो तेहरान वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा कायम करने और स्थायी प्रगति के लिए यह आवश्यक होगा कि किसी भी संभावित समझौते में ईरान की फ्रीज़ (रोकी गई) वित्तीय संपत्तियों और निधियों की पूर्ण वापसी को शामिल किया जाए।
लेबनान सीमा पर सैन्य गतिविधियों पर जताई चिंता
साक्षात्कार के दौरान खतीबजादेह ने दक्षिणी लेबनान में इज़राइल द्वारा किए गए हालिया हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इज़राइल के निरंतर सैन्य अभियान क्षेत्र में “गंभीर और तत्काल परिणाम” पैदा कर सकते हैं। उप विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों में तेजी लाने की अपील की और कहा कि ईरान गाजा सहित सभी मोर्चों पर शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर वैश्विक व्यापार को आश्वासन
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के संदर्भ में भी उप विदेश मंत्री ने कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से होने वाला अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और वाणिज्यिक गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी।
खतीबजादेह ने घोषणा की कि आगामी 60 दिनों की अवधि के लिए इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर कोई पारगमन शुल्क (ट्रांजिट फीस) नहीं लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जानकारी दी कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से जलडमरूमध्य के प्रबंधन व नियंत्रण के लिए एक नई प्रणाली शुरू करने पर भी विचार चल रहा है।
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