बदायूँ: अवैध और बिना पंजीकरण के चल रहे मौत के अड्डों के खिलाफ ‘ग्लोबल टुडे’ की धारदार पत्रकारिता का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। ‘ग्लोबल टुडे’ पर खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने और आईजीआरएस (IGRS) पर शिकायत के बाद आखिरकार प्रशासन गहरी नींद से जागा है। मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) बदायूँ के कड़े रुख के बाद सहसवान क्षेत्र के अकबराबाद चौराहा स्थित अवैध ‘नवजीवन अस्पताल’ के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही अस्पताल संचालक मौके पर ताला लगाकर फरार हो गया। इस बड़ी कार्रवाई से इलाके के अन्य झोलाछाप और अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल, नहीं मिला कोई रजिस्ट्रेशन
‘ग्लोबल टुडे’ की खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ बदायूँ के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय संयुक्त टीम का गठन किया गया। नायब तहसीलदार मोहित कुमार एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सहसवान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी के नेतृत्व में टीम ने अकबराबाद चौराहा स्थित नवजीवन अस्पताल पर औचक छापेमारी की।
जांच के दौरान जब अस्पताल के वैधानिक दस्तावेजों और पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की मांग की गई, तो अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर अस्पताल संचालन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज नहीं पाया गया, जिससे साफ हो गया कि यह अस्पताल पूरी तरह अवैध रूप से मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था।
संचालक के खिलाफ FIR दर्ज
बिना पंजीकरण के अस्पताल चलाकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त कानूनी कदम उठाया है। अस्पताल संचालक दुष्यंत कुमार (पुत्र बिशनपाल सिंह, निवासी जनपद संभल) के विरुद्ध राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) अधिनियम की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत कोतवाली सहसवान में मुकदमा (FIR) दर्ज करा दिया गया है।
कार्रवाई के दौरान ये रहे मौजूद:
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार मोहित कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी के साथ अशफाक अली, कृष्ण वल्लभ चतुर्वेदी, देश दीपक शंखधार, सलीम सहित स्वास्थ्य विभाग और राजस्व टीम के अन्य कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
टीम को देख ताला लगाकर भागा संचालक, पुलिस रखेगी नजर
अस्पताल को सील करने पहुंची संयुक्त टीम की भनक पाते ही शातिर संचालक दुष्यंत कुमार अस्पताल में आनन-फानन में ताला जड़कर मौके से रफूचक्कर हो गया। प्रशासन ने अब इस मामले में पुलिस की मदद ली है।
अधिकारी का बयान
“जिला स्तर से प्राप्त शिकायत और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर संयुक्त टीम अवैध नवजीवन अस्पताल को सील करने पहुंची थी। लेकिन संचालक कार्रवाई से बचने के लिए ताला लगाकर फरार हो गया। उसके खिलाफ कोतवाली में कानूनी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। स्थानीय पुलिस को अस्पताल की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही अस्पताल के दोबारा खुलने या वहां किसी भी गतिविधि की सूचना मिलेगी, उसे तत्काल सील कर दिया जाएगा।”
– डॉ. प्रशांत त्यागी, चिकित्सा अधीक्षक (CHC सहसवान, बदायूँ)
ग्लोबल टुडे की बात: हम जनता के सरोकारों और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेंगे। यह कार्रवाई उन सभी के लिए सबक है जो बिना योग्यता और पंजीकरण के क्लीनिक और अस्पताल सजाकर बैठे हैं।
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