केरल में जल्द खुल सकता है पहला सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज, राज्य सरकार ने दिए सकारात्मक संकेत

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नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026: केरल में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया है। राज्य में पहले सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग पर केरल सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

यह प्रतिक्रिया ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सैयद अहमद ख़ाँ द्वारा केरल के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजे गए एक विशेष अनुरोध पत्र के जवाब में आई है।

केरल सरकार के रुख का स्वागत

केरल सरकार से मिले इस सकारात्मक जवाब का ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस ने पुरजोर स्वागत किया है। डॉ. सैयद अहमद ख़ाँ ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि केरल सरकार जिस तरह आयुर्वेद और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही है, उम्मीद है कि यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार में भी वैसा ही प्रभावी योगदान देगी।

आगे की तैयारी तेज़

इस हरी झंडी के बाद संगठन ने जमीनी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। राष्ट्रीय महासचिव ने ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के केरल प्रदेश अध्यक्ष डॉ. के. टी. अजमल को निर्देश दिया है कि वे इस मांग को राज्य स्तर पर और अधिक सक्रियता से आगे बढ़ाएं, ताकि कॉलेज की स्थापना का मार्ग जल्द से जल्द प्रशस्त हो सके।

“केरल सरकार का यह जवाब अत्यंत उत्साहवर्धक है। अब हमारा लक्ष्य राज्य में शीघ्र अति शीघ्र एक सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज की नींव रखवाना है।” — डॉ. सैयद अहमद ख़ाँ, राष्ट्रीय महासचिव

क्यों खास है यह फैसला?

केरल को देश में पारंपरिक और प्राकृतिक चिकित्सा का हब माना जाता है। ऐसे में यहाँ एक समर्पित सरकारी यूनानी मेडिकल कॉलेज खुलने से न केवल यूनानी चिकित्सा का विस्तार होगा, बल्कि छात्रों के लिए इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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