रामपुर MP-MLA कोर्ट ने 2019 भड़काऊ भाषण मामले में सपा नेता आज़म ख़ान को बरी कर दिया। फैसल खान लाला की शिकायत पर दर्ज केस खत्म। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए आज़म।
रामपुर: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आज़म ख़ान को भड़काऊ भाषण मामले में बड़ी राहत मिली है। एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
भड़काऊ भाषण मामला क्या था, कब दर्ज हुआ था?
यह मामला आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला की शिकायत पर 2 अप्रैल 2019 को दर्ज हुआ था। आरोप था कि 29 मार्च 2019 को सपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आज़म ख़ान ने तत्कालीन जिलाधिकारी, एडीएम, एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ भड़काऊ व विवादित टिप्पणी की थी।
अदालत ने किन आधारों पर आज़म ख़ान को बरी किया?
लंबी सुनवाई के बाद एमपी–एमएलए कोर्ट ने 18 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा था। आज फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि पेश किए गए साक्ष्य आरोप साबित नहीं कर पाए, इसलिए आज़म ख़ान को दोषमुक्त किया जाता है।
फैसले के बाद सपा खेमे की पहली प्रतिक्रिया
फैसले के दौरान आज़म ख़ान जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कोर्ट में पेश हुए। अदालत के फैसले की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और सपा खेमे में राहत का माहौल देखने को मिला।
- अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की, बोले- ‘आज़म थे, आज़म हैं, आज़म रहेंगे’

- ओपी राजभर का बड़ा बयान: ‘पैसा कमाया अखिलेश यादव ने और जेल गए आजम खान’

- फर्जी शिकायत से मतदाता का नाम कटवाने पर एक साल तक जेल और जुर्माना

- अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर दौरे पर: जेल में आजम खान से करेंगे मुलाकात, परिवार से भी मिलेंगे

- स्वार विधायक शफीक अंसारी की वाल्मीकि समाज पर टिप्पणी विवाद: विरोध के बाद माफी, लेकिन सवाल बना

