बदायूं: पागल कुत्ते के काटने के एक महीने बाद 9 वर्षीय मासूम की मौत, गांव में दहशत का माहौल

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बदायूं (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में करीब एक महीना पहले पागल कुत्ते के काटने से घायल हुए 9 वर्षीय मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

वैक्सीन लगाने के बाद भी बिगड़ी तबीयत

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले गांव में एक पागल कुत्ते ने इस मासूम समेत कई ग्रामीणों को अपना शिकार बनाया था। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाकर उसका समय पर इलाज शुरू कराया और उसे एंटी-रेबीज (Anti-Rabies) के टीके भी लगवाए।

इसके बावजूद, कुछ दिन पहले अचानक बच्चे की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उसे पहले अलीगढ़ रेफर किया गया। वहां भी सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया, जहां अस्पताल में उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।

पीड़ित पिता का आरोप

बच्चे के पिता ने रोते हुए बताया कि उन्होंने डॉक्टरों से बच्चे को बचाने और पूरा इलाज करने की लगातार गुहार लगाई थी, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार मासूम जिंदगी की जंग हार गया।

गांव में पसरा सन्नाटा, अन्य घायलों में खौफ

बड़ी चिंता: इस दर्दनाक घटना के बाद से गांव में उन सभी लोगों के बीच भारी डर और भय का माहौल बन गया है, जिन्हें उसी पागल कुत्ते ने काटा था। ग्रामीणों का मानना है कि अगर वैक्सीन लगने के बाद भी बच्चे की जान नहीं बच सकी, तो अन्य घायलों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से गांव में तुरंत डॉक्टरों की टीम भेजने और उचित कदम उठाने की मांग की है।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर रेबीज के इलाज और टीकों की गुणवत्ता व सही समय पर सही ट्रीटमेंट मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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