यौमे आशूरा पर बदायूँ में निकला कदीमी जुलूसे हुसैनी, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गमगीन हुआ माहौल

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बदायूँ, 26 जून: यौमे आशूरा (10 मोहर्रम) के मुकद्दस मौके पर शुक्रवार को बदायूँ में शिया समुदाय का कदीमी (पारंपरिक) जुलूसे हुसैनी पूरी अकीदत, एहतराम और गमगीन माहौल में निकाला गया। यह जुलूस ‘शिया तनज़ीमुल मोमिनीन कमेटी’ और ‘अन्जुमन जुल्फ़ेकारे हैदरी (रजि०) बदायूँ’ की सरपरस्ती में कादरी गेट स्थित चक्कर की सड़क से आरंभ हुआ, जो अपने पारंपरिक रास्तों से होता हुआ शिया मस्जिद काज़ी हौज़ पर जाकर संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।

तकरीर में बयां की कर्बला की दास्तान

जुलूस के आगाज पर आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए आली जनाब मौलाना सैफ अली जैदी और शिया तनज़ीमुल मोमिनीन कमेटी के सदर (अध्यक्ष) जनाब अनवर आलम ने तकरीर की। उन्होंने कर्बला के मैदान में हक और इंसाफ के लिए इमाम हुसैन (अ०स०) और उनके 72 साथियों द्वारा दी गई महान शहादत पर विस्तृत प्रकाश डाला। तकरीर के बाद शाने हसन, मुरतज़ा जैदी और कम्बर रज़ा ने बारगाहे हुसैनी में कताअत पेश की। कार्यक्रम की निज़ामत (संचालन) डा० एस० जी० अब्बास ने की।

12 ताज़ियों के साथ उमड़ा जनसैलाब, बच्चों-महिलाओं ने भी लिया हिस्सा

मुख्य जुलूस में विभिन्न मोहल्लों और ताज़िया स्थलों से कुल 12 ताज़ियादार अपने अलम और ताज़ियों के साथ शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से अनवर आलम, मोहसिन जैदी, नबी हैदर, अनफ रिज़वान, जाबिर जैदी, शुजा, नवेद, डा० आब्दी, जावेद अब्बास, हसन आरज़ू एंव गुलाम अब्बास के ताज़िये शामिल रहे।

जुलूस में शिया समुदाय का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुरुष, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे ‘या हुसैन, या हुसैन’ की सदाएं बुलंद करते हुए और छाती पीटकर (मातम कर) कर्बला के शहीदों को याद कर रहे थे। भीषण गर्मी के मद्देनजर अंजुमन और स्थानीय लोगों की ओर से जगह-जगह ठंडे पानी और शरबत की सबीलें (प्याऊ) लगाई गई थीं।

नम आंखों से हुई नौहाख्वानी

रास्ते में जुलूस जगह-जगह रुककर मातम करता हुआ आगे बढ़ा। इस दौरान अहसान रज़ा, आमिर अब्बास आब्दी, कैफी जैदी, कमर अब्बास, जुनैद अब्बास, मिनहाल जैदी और रज़ा जैदी ने मर्मस्पर्शी नौहे पेश किए, जिसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं।

ताज़िये सुपुर्द-ए-खाक, प्रशासन का जताया आभार

देर शाम जुलूस जब काज़ी हौज़ पहुंचा, तो वहां पूरी अकीदत के साथ ताज़ियों को सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया गया और देश में अमन-चैन व भाईचारे के लिए फातिहा ख्वानी की गई।

जुलूस के शांतिपूर्ण समापन पर ‘अन्जुमन जुल्फ़ेकारे हैदरी (रजि०)’ के सदर जनाब मोहसिन अब्बास जैदी और ‘शिया तनज़ीमुल मोमिनीन कमेटी’ के सेक्रेटरी जनाब जाबिर जैदी ने सभी अकीदतमंदों, वालंटियर्स और मुस्तैद सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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