बांग्लादेश: ‘राजनीतिक साजिश था 2024 का छात्र आंदोलन’, भारत से डिजिटल संबोधन में बोलीं शेख हसीना; दिसंबर में स्वदेश लौटने का ऐलान

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Sheikh Hasina vows to return to Bangladesh in first presser after ouster
राजनीतिक साजिश था 2024 का छात्र आंदोलन’, भारत से डिजिटल संबोधन में बोलीं शेख हसीना

नई दिल्ली/ढाका: 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़कर भारत आईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहली बार डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने देश की जनता और मीडिया को संबोधित किया है। अपने संबोधन में उन्होंने 2024 के छात्र आंदोलन को एक ‘सुनियोजित राजनीतिक साजिश’ करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि वह आगामी दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, चाहे इसके लिए उन्हें गिरफ्तारी या मौत की सजा का ही सामना क्यों न करना पड़े।

‘वापसी सत्ता के लिए नहीं, लोकतंत्र बहाली के लिए’

शेख हसीना ने कहा, “मेरी स्वदेश वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश में लोकतंत्र, न्याय, धर्मनिरपेक्षता और विकास को बहाल करने के लिए है। मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मेरी जान ले सकते हैं, लेकिन मैं अपने लोगों के बीच रहने के लिए घर वापस जाऊंगी।”

उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर्रहमान की बेटी के रूप में बात कर रही हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन बांग्लादेश की जनता के लिए समर्पित कर दिया।

‘पर्दे के पीछे से चलाया जा रहा था आंदोलन’

2024 के घटनाक्रम पर बात करते हुए हसीना ने कहा कि उनकी सरकार ने छात्र आंदोलन को बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया था। हालांकि, कुछ संगठित समूहों ने सुधार की मांगों को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदल दिया।

उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि यूनुस ने खुद माना था कि यह एक मास्टरमाइंड द्वारा तैयार किया गया आंदोलन था। हसीना के अनुसार, 15 जुलाई के बाद आंदोलन का स्वरूप बदल गया और आगजनी, हत्याएं तथा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाकर गैर-लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हथियाने का रास्ता बनाया गया।

विपक्ष पर तीखा हमला और मानवाधिकारों के हनन का आरोप

शेख हसीना ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धांधली वाले चुनावों के जरिए बीएनपी के सत्ता में आने के बाद भी देश डर, आर्थिक संकट और असुरक्षा के साये में है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में:

  • कम से कम 10,000 लोग मारे गए या लापता हुए हैं।
  • लगभग 6.5 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
  • अवामी लीग के करीब 4.5 लाख कार्यकर्ताओं को नामजद और 10 लाख से अधिक लोगों को अज्ञात आरोपी बनाया गया है।
  • खुद उनके खिलाफ 600 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी लीग के नेताओं के अलावा अल्पसंख्यकों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, वकीलों और आम नागरिकों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

सजीब वाजिद जॉय की चेतावनी: ‘बांग्लादेश बन रहा है दूसरा पाकिस्तान’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय ने भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 के बाद से बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याओं को एक तरह से वैध बना दिया गया है और देश एक विफल राष्ट्र बनने की राह पर है। जॉय ने भारत के संदर्भ में कहा कि नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि उसकी पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश ‘दूसरा पाकिस्तान’ बनता जा रहा है।

प्रत्यर्पण की मांग के बीच बड़ा बयान

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में ढाका छोड़ने के बाद से शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं। बीते वर्ष नवंबर में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 के प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के मामले में हसीना को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से बांग्लादेश की वर्तमान सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। ऐसे माहौल में शेख हसीना का स्वदेश लौटने का यह ऐलान बांग्लादेश की राजनीति में एक नया भूचाल ला सकता है।