बदायूं में ‘नेताजी’ का शो बना छात्रों के लिए ‘नो-गो’: रोड शो के महाजाम में फंसे TET अभ्यर्थी, सालभर की मेहनत पर फिरा पानी

Date:

बदायूं | 03 जुलाई 2026: एक तरफ सरकार युवाओं को रोजगार देने और परीक्षाएं समय पर कराने के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ ‘VIP कल्चर’ और राजनीतिक रसूख आज भी छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रहा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बदायूं से सामने आया है, जहां एक सत्ताधारी नेता के स्वागत में निकले रोड शो ने ऐसा चक्काजाम लगाया कि शिक्षक बनने का सपना देख रहे दर्जनों अभ्यर्थियों की TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) ही छूट गई।

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ‘नेताजी’ के शक्ति प्रदर्शन के आगे युवाओं के भविष्य की बलि क्यों चढ़ाई गई?

बरेली से बदायूं तक ‘चुनावी जश्न’, हाईवे पर ‘जिंदगी पस्त’

दरअसल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के बदायूं आगमन पर समर्थकों ने बरेली से बदायूं हाईवे पर एक भव्य रोड शो का आयोजन किया था। नेताजी के स्वागत में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला और हुजूम इस कदर उमड़ा कि देखते ही देखते पूरा हाईवे ‘ओपन-एयर पार्किंग’ में तब्दील हो गया।

कई किलोमीटर लंबे इस महाजाम में एम्बुलेंस, आम जनता और सबसे बदकिस्मत वो छात्र फंसे रहे, जिन्हें अपनी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा देनी थी। सड़क पर वाहनों की कतारें रेंगती रहीं और प्रशासन मूकदर्शक बना तमाशा देखता रहा।

“हम 3 घंटे पहले घर से निकले थे, लेकिन नेताजी की गाड़ियों के काफिले ने हमें हिलने तक नहीं दिया। रोते-गिड़गिड़ाते रहे, पर रास्ता नहीं मिला।”

जाम में फंसी एक भावुक महिला अभ्यर्थी

एक साल की मेहनत 10 मिनट की देरी से हुई बर्बाद

परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और समय की पाबंदी के कारण जो अभ्यर्थी जाम की वजह से चंद मिनट भी देरी से पहुंचे, उन्हें गेट से ही वापस लौटा दिया गया।

  • छात्रों का दर्द: अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए दिन-रात एक करके सालभर तैयारी की थी। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक हुड़दंग ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।
  • प्रशासन पर उठे सवाल: छात्रों ने सीधे तौर पर जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। सवाल है कि जब इतनी बड़ी परीक्षा पहले से तय थी, तो उसी रूट पर बिना पुख्ता ट्रैफिक प्लान के इतने बड़े रोड शो की अनुमति कैसे दे दी गई?

उबल रहा है सोशल मीडिया, जांच की मांग

इस घटना के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर जाम की तस्वीरें और रोते हुए अभ्यर्थियों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। पीड़ित छात्रों ने मांग की है कि:

  1. इस पूरे घटनाक्रम और प्रशासनिक लापरवाही की निष्पक्ष जांच हो।
  2. जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा इस रोड शो के कारण छूटी है, उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराने जैसे उचित कदम उठाए जाएं।

फिलहाल, इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है। देखना यह है कि युवाओं के भविष्य से हुए इस खिलवाड़ पर शासन-प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, या फिर हर बार की तरह इस बार भी ‘नेताजी’ की चकाचौंध के आगे छात्रों के आंसू दबा दिए जाएंगे?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related