आज़म खान के समर्थन में लोहिया वाहिनी के नगर अध्यक्ष का इस्तीफ़ा

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समाजवादी के वरिष्ठ नेता आजम खान 2 साल से अधिक समय से कई मामलों में सीतापुर की जेल में बंद हैं। विधानसभा का चुनाव निपट चुका है। बावजूद इसके सपा प्रमुख अखिलेश यादव उनसे किसी तरह की कोई सहानुभूति नहीं दिखा रहे हैं जिसको लेकर आजम खान के गृह जनपद रामपुर के समाजवादियों में खासा रोष देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि सपा लोहिया वाहिनी के नगर अध्यक्ष नवीन शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

रामपुर के शहर विधायक आजम खान ने मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी का गठन किया था। पार्टी गठन के बाद यह एमवाई फार्मूला प्रदेश की राजनीति में ऐसा कामयाब हुआ कि मुलायम सिंह चार बार मुख्यमंत्री बने तो वहीं आजम खान भी लगभग इतनी बार ही मंत्री पद से नवाज़े गए।

जिस तरह से मुलायम सिंह यादव की वजह से इटावा को समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है ठीक उसी प्रकार से रामपुर को भी आजम खान की वजह से सपा का मजबूत किला कहा जाता है।

आजम खान सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार के निशाने पर आए और उनके विरोधियों ने उनके खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज कराए। जिसका परिणाम यह हुआ कि लगभग 2 साल से सीतापुर की जेल में बंद हैं।

लग सकती है स्तीफ़ों की झड़ी

उधर उनकी गैरमौजूदगी में और मौजूदा सपा प्रमुख अखिलेश यादव कि आजम खान के प्रति बेवफाई को लेकर यहां के स्थानीय सपाइयों का सब्र जवाब देने लगा है। इसी के चलते सपा लोहिया वाहिनी के नगर अध्यक्ष नवीन शर्मा ने अखिलेश यादव से नाराजगी व्यक्त करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नगर अध्यक्ष के बाद यहां के स्थानीय सपाई भी अपने अपने पदों से इस्तीफा देने की झड़ी लगा सकते हैं।

समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी नगर अध्यक्ष नवीन शर्मा के मुताबिक जो एक हद होकर और दिल में टीस होने के बाद मैंने अपने पद से इस्तीफा दिया है। पिछले ढाई साल से आदरणीय आजम खान साहब कारावास झेल रहे हैं। उसकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी उनके बारे में सिर्फ मौन व्रत साधे हुए हैं। ये मौन व्रत क्यों साधे हुए हैं यह किसी को नहीं पता है।

अखिलेश और मुलायम सिंह यादव की चुप्पी से नाराज़ सपाई

नवीन शर्मा ने कहा कि अभी तक अखिलेश यादव आज़म खान के मामले में मौन धारण किये हुए हैं और राष्ट्रीय संरक्षक श्री मुलायम सिंह यादव जी भी इटावा के सफारी पार्क में गए थे, शायद 17 या 18 शेरनी को देखने के लिए उनके बच्चों को देखने के लिए। क्या आपका फर्ज नहीं बनता कि एक बार भी सीतापुर नहीं जा पाए आप गए राष्ट्रीय अध्यक्ष जी मगर आप भी सिर्फ एक बार गए ऐसा क्यों जिनका 40 से 45 साल का कैरियर है सियासी करियर है आपने उन्हें बिल्कुल दरकिनार कर दिया क्या वजह है मैं यह पूछना चाहता हूं। मैंने आहत होकर सपा लोहिया वाहिनी से तो इस्तीफा दे दिया है। नवीन ने कहा कि अगर आदरणीय अखिलेश यादव जी अब मुखर होकर हमारे सवालों का जवाब नहीं देंगे और मंत्री जी के लिए कुछ नहीं करेंगे तो हो सकता है बहुत जल्द पार्टी से भी त्यागपत्र दे दूगा।

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