राजस्थान की रियासत रहे भरतपुर राजवंश के कुंवर और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का शनिवार (10 अगस्त) की रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 93 साल के थे। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे कुछ हफ्तों से अस्पताल में भर्ती थे। उनका अंतिम संस्कार 12 अगस्त को लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नटवर सिंह की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने X पर लिखा, “नटवर सिंह ने डिप्लोमेसी और विदेश नीति की दुनिया में अहम योगदान दिया। वह अपनी बुद्धि के साथ-साथ बेहतरीन लेखन के लिए भी जाने जाते थे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।”
रामपुर के शाही घराने में भी शोक
राजस्थान की रियासत रहे भरतपुर राजवंश के कुंवर नटवर सिंह के निधन से रामपुर के राजपरिवार में शोक है। अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कुंवर नटवर सिंह के निधन पर ग़म का इज़हार किया है।
पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री कुंवर नटवर सिंह के निधन की खबर मिलने के बाद नूर महल पर लगा शाही ध्वज शोक स्वरूप झुका दिया गया है। कुंवर नटवर सिंह के बेटे विधायक कुंवर जगत सिंह नवेद मियां के दोस्त हैं। नवेद मियां ने गमजदा परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना जाहिर की है।
नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि भरतपुर और रामपुर रियाजवंश के बीच बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। कुंवर नटवर सिंह नवेद मियां को अपने बेटे जैसा समझते थे। कुंवर नटवर सिंह की शादी पटियाला राजवंश की राजकुमारी हेमिंदर कौर से हुई थी। वो पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की बहन थीं। पटियाला के राजपरिवार से भी रामपुर के शाही परिवार के मजबूत रिश्ते रहे हैं। कुंवर नटवर को पद्म भूषण सम्मान भी मिला था।
- रामपुर: टीजीटी परीक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, कप्तान ने खुद संभाली कमान, सेंटर्स का किया औचक निरीक्षण

- भारत समेत 60 देशों को US टैरिफ का बड़ा झटका? इन प्रोडक्ट्स पर लग सकता है 12.5% अतिरिक्त शुल्क

- UP Election 2027: सहसवान में गजेंद्र यादव की जनसभा ने बढ़ाई सियासी तपिश, टिकट की दावेदारी मजबूत!

- बदायूं: बालाजी दर्शन करने गया था परिवार, पीछे से बंद घर को खंगाल ले गए चोर; लाखों की चोरी

- मानसून से पहले नालों की सफाई पर सख्ती: 10 जून तक काम पूरा करने के कड़े निर्देश

- Chief Minister Omar Abdullah welcomes first batch of Hujjaaj back to Srinagar

