हांगकांग: पिछले सप्ताह हांगकांग के ताई पो जिले में वांग फुक कोर्ट आवासीय परिसर में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 151 हो गई है। यह हादसा शहर के 70 साल के इतिहास की सबसे भयावह आग मानी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में दर्जनों लोग घायल हुए हैं और 40 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल सात में से पांच इमारतों की तलाशी पूरी कर चुके हैं, जहां कई शव अपार्टमेंट, गलियारों और सीढ़ियों में मिले हैं।
आग फैलने का कारण
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इमारत की बाहरी खिड़कियों पर लगी पॉलीस्टाइरीन फोम शीट और ज्वलनशील सुरक्षा जाल के कारण आग तेजी से फैली। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मरम्मत और नवीनीकरण कार्य में इस्तेमाल की गई ये सामग्रियां फायर सेफ्टी कोड के अनुरूप नहीं थीं।
उल्लेखनीय है कि सरकारी निरीक्षकों ने जुलाई 2024 से इस स्थल पर 16 बार निरीक्षण किया था और ठेकेदारों को बार-बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन जारी रहा।
गिरफ्तारियां और जांच
इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी और पुलिस ने निर्माण कंपनी के निदेशकों, इंजीनियरों, प्रोजेक्ट मैनेजर्स तथा सब-कॉन्ट्रैक्टर्स समेत कम से कम 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर मानव वध और संभावित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हांगकांग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस त्रासदी की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस साक्ष्य एकत्र करने के लिए प्रभावित इमारतों का निरीक्षण कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण जांच रिपोर्ट तैयार होने में 3 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है।
- अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते के मुख्य बिंदु सामने आए

- Ebola Virus: इबोला के बढ़ते प्रकोप को लेकर भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, इन देशों की यात्रा न करने की सलाह

- ट्रंप ईरान पर हमला करने से पीछे क्यूँ हटे, इजरायली पत्रकार का बड़ा खुलासा

- फोर्ब्स मिडिल ईस्ट 2026 सूची: एम. ए. यूसुफ अली बने सबसे अमीर मलयाली; नौ भारतीयों ने बनाई जगह

- मिडिल ईस्ट संकट: ईयू ने प्रभावित सेक्टरों के लिए ‘अस्थायी सहायता फ्रेमवर्क’ लागू किया

