Globaltoday.in | राहेला अब्बास | दिल्ली
दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी(Jamia Millia Islamia) में नए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्यवाही को लेकर पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगे थे।
पुलिस पर छात्रों ने आरोप लगाया था कि उसने जामिया कैंपस और लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों के साथ जमकर हिंसा की जिसमे एक छात्र की आँख भी चली गयी।
इस मामले में जामिया प्रशासन ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
अब दिल्ली की कोर्ट ने पुलिस से पूछा है कि उसने जामिया प्रशासन की शिकायत पर अभी तक क्या कार्रवाई की?
दिल्ली हाईकोर्ट जामिया मिल्लिया में हुई हिंसा के मामले में याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिसमें स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। इन याचिकाओं में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं।
सुनवाई के दौरान शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अमन लेखी से कहा कि आपको हमें संतुष्ट करना पड़ेगा कि पुलिस के जवानों के खिलाफ क्या-क्या इन्क्वायरी चल रही है, क्या कोई एफआईआर भी दर्ज हुई है?
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