उत्तर प्रदेश/रामपुर(रिज़वान ख़ान): फिल्म अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आचार संहिता उल्लंघन के अन्य मामले में चल रही गैर हाजिरी के चलते रामपुर के एमपी एमएलए कोर्ट ने एक बार फिर से एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किए हैं। जयाप्रदा वर्तमान समय में भाजपा की नेत्री हैं और उन पर यह दूसरा मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है।
उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर से फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा समाजवादी पार्टी के टिकट पर दो बार सांसद रह चुकी हैं। उनकी सियासी दुश्मनी आजम खान से जगजाहिर है। वर्ष 2019 में उन्होंने पाला बदल कर बीजेपी का दामन लिया था और भाजपा के टिकट पर आजम खान के मुकाबले चुनाव लड़ा था। हालांकि यह बात अलग है कि उन्हें इस चुनाव में आजम खान के हाथों चुनावी रण में मात खानी पड़ी थी। इस चुनाव के दौरान उन पर सड़क का उद्घाटन को लेकर स्वार थाने में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था।
इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में कैमरी थाने में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जयाप्रदा से जुड़े दोनों मामले रामपुर की स्थानीय एमपी एमएलए कोर्ट में चल रहे हैं, जिनमें से स्वार थाने में दर्ज मुकदमे में लगातार गैर हाजिरी के चलते उनके खिलाफ कोर्ट ने कई महीने पहले से ही एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कर रखे थे। लेकिन एक बार फिर जयाप्रदा सुर्खियों में हैं। अब केमरी थाने में दर्ज मुकदमे में भी वह लगातार गैरहाजिर रही हैं। उनकी गैर हाजिरी पर एक बार फिर से कोर्ट ने कड़ा कदम उठाते हुए एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कर दिए हैं।
जयाप्रदा के अधिवक्ता संदीप सक्सेना के मुताबिक केमरी थाने में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन मामले की कोर्ट में आज तारीख लगी थी, किंतु जयाप्रदा की ओर से बीमार होने को लेकर उनके माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया गया था जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए जयाप्रदा के खिलाफ एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कर दिए हैं और इसकी सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तारीख नियत कर दी है।
- बांग्लादेश: राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा, कार्यकाल खत्म होने से दो साल पहले छोड़ा पद

- अल काजी उर्दू अकादमी ने उर्दू साहित्य की हस्तियों को किया सम्मानित, भाषा के विकास पर मंथन

- दहेज की मांग और प्रताड़ना पड़ी भारी: पति को हर महीने ₹20 हजार और ₹3 लाख मुआवजा देने का कोर्ट का आदेश

- जम्मू-कश्मीर जल्द होगा आतंक मुक्त, हालिया हिंसक घटनाएं कायरता की निशानी: इंद्रेश कुमार

- CJP की दो मांगों पर सरकार सहमत, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा शनिवार तक का समय

- पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने पर वकीलों ने CJI को लिखा पत्र, SC से की स्वतः संज्ञान लेने की मांग

