गाज़ियाबाद: 2018 बैच के आईएएस अधिकारी नंद किशोर कलाल ने मंगलवार शाम गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने अतुल वत्स की जगह ली है, जिन्हें हाल ही में हाथरस का जिलाधिकारी बनाया गया है।
डॉक्टर से प्रशासनिक अधिकारी बने नंद किशोर कलाल इससे पहले रामपुर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्यरत थे। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाएं, खासकर हरनंदीपुरम टाउनशिप जैसी योजनाएं, जिनके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, उनकी प्राथमिकता में रहेंगी। उन्होंने कहा कि वे जीडीए में पारदर्शिता के उच्च स्तर को बनाए रखेंगे और शहर के सतत विकास का माहौल तैयार करेंगे।
एक वरिष्ठ जीडीए अधिकारी ने मीडिया को बताया कि गाज़ियाबाद का एकीकृत मास्टर प्लान 2031 पारित होने और उत्तर प्रदेश भवन उपविधि 2025 में हालिया संशोधन के बाद ऊंची इमारतों के निर्माण और वर्टिकल डेवलपमेंट के अवसर खुल गए हैं। अब देखना यह होगा कि कलाल के नेतृत्व में विकास प्राधिकरण इन बदलावों के साथ कितनी प्रभावी तरीके से तालमेल बैठा पाता है।
अधिकारी ने यह भी बताया कि नए टाउनशिप के लिए किसानों से भूमि अधिग्रहण और प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत इकाइयों की डिलीवरी कलाल के लिए बड़ी चुनौतियां होंगी। खासकर तब, जब 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में उनके पास चुनाव की घोषणा से पहले करीब डेढ़ वर्ष का समय रहेगा। इसके अलावा, ठप पड़ी परियोजनाओं को गति देना और ट्रैफिक प्रबंधन के बुनियादी ढांचे में सुधार भी उनके लिए परीक्षा साबित होगा।
करीब पांच साल पहले जीडीए की वित्तीय स्थिति कमजोर थी, लेकिन अब इसमें सुधार आया है। प्राधिकरण ने अपने कर्जों का निपटान कर लिया है। मौजूदा स्थिति में, नंद किशोर कलाल के पास जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को नई दिशा देने का अवसर है, जिसके लिए वे प्रशासनिक हलकों में जाने जाते हैं।
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