वॉशिंगटन/लंदन: एक ब्रिटिश अखबार के हवाले से बड़ा दावा सामने आया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते का एक मसौदा (ड्राफ्ट) इजरायल समेत अपने अन्य सहयोगी देशों को समीक्षा के लिए भेजा है।
इस लीक हुए मसौदे में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और आर्थिक व रणनीतिक प्रतिबंधों में ढील देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
समझौते के मसौदे की मुख्य बातें:
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना: मसौदे के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और वहां अमेरिकी नाकाबंदी को समाप्त करने का है।
- 30 दिनों की समय-सीमा: प्रस्ताव में कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यापारिक मार्ग को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से युद्ध-पूर्व (Pre-war) की स्थिति में बहाल कर दिया जाएगा।
- $12 अरब की संपत्तियां होंगी बहाल: इस समझौते के तहत ईरान को विदेशों में फ्रीज (जब्त) की गई उसकी 12 अरब डॉलर की संपत्तियों तक दोबारा पहुंच मिल जाएगी, जिससे ईरान को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
- वैश्विक समर्थन और चीन की भूमिका: ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन इस समझौते का समर्थन कर रहा है और उसकी इच्छा है कि संयुक्त राष्ट्र (UN) अंतिम रूप से इस समझौते की पुष्टि (Ratify) करे ताकि इसे वैश्विक मान्यता मिल सके।
क्यों खास है यह समझौता? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। यदि यह समझौता अमलीजामा पहनता है, तो इससे न केवल मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार को भी बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, इजरायल और अन्य सहयोगियों की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
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