ट्रंप का यू-टर्न: व्यापार बाधाएँ दूर करने को भारत से बातचीत का किया ऐलान

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Trump's U-turn: Announced talks with India to remove trade barriers
ट्रंप का यू-टर्न: व्यापार बाधाएँ दूर करने को भारत से बातचीत का किया ऐलान

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बयान में बताया कि वह आने वाले हफ्तों में अपने “अच्छे दोस्त” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं। ट्रंप ने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि दोनों महान देशों के लिए एक सफल परिणाम प्राप्त करना कठिन नहीं होगा।”

भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर कहा, “भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। हमारी टीमें व्यापार वार्ता को शीघ्र पूरा करने में लगी हैं। मैं भी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के लिए उत्सुक हूं। हम दोनों देशों के लोगों के बेहतर और उज्जवल भविष्य के लिए मिलकर काम करेंगे।”

https://twitter.com/narendramodi/status/1965597878237139351

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से भारत और अमेरिका के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत से आयातित सामानों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ा दिया है, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका जताई गई है। इसके पीछे मुख्य कारण भारत की रूस से तेल की खरीदारी को बताया गया है, जिसे अमेरिका ने युद्ध में रूस का समर्थन मानकर नकारा है।

ट्रंप ने मोदी सरकार को पहले भी स्पष्ट संदेश दिया था कि वे टैरिफ कम करने की कोई योजना नहीं रखते, और साथ ही इस बात की भी आलोचना की थी कि भारत ने टैरिफ शून्य करने की पेशकश काफी देर से की है। इसके चलते अमेरिका-भारत व्यापार संबन्धों में कड़वाहट भी देखी गई।

इसके अलावा, हाल ही में चीन के तियानजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गर्मजोशी भरे पल देखे गए। इस दौरान ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, “ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के सबसे गहरे और अंधेरे चक्र में खो दिया है।”

यह नया रुख व्यापार में किसी संभावित समझौते की उम्मीद जगाता है, जबकि दोनों देशों की टीमें जल्दी से वार्ता को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही हैं।