असम के उदलगुरी जिले में रविवार को रिक्टर स्केल पर 5.8 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। भूकंप का केंद्र सतह के अपेक्षाकृत करीब होने की वजह से झटके ज्यादा तेज महसूस हुए और लोगों को घरों से बाहर निकलना पड़ा।
भूकंप का दायरा और असर
भूकंप के झटके सिर्फ असम तक सीमित नहीं थे, बल्कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और भूटान में भी महसूस किए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इलाकों में लोगों ने ज़मीन को हिलते हुए महसूस किया, घरों के पंखे और बिजली के उपकरण भी हिलने लगे। हालांकि, अभी तक किसी तरह की जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने हालात पर लगातार नज़र बनाए रखी है।
लोगों में दहशत और सावधानी
भूकंप के बाद असम के कई शहरों और कस्बों में लोग घबराकर अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके एक बार नहीं, बल्कि कई बार महसूस हुए, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। कई जगहों पर लोग खुले मैदानों में जाकर खड़े हो गए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
विशेषज्ञों की सलाह
भूकंप विज्ञानियों ने आम लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी कि लोग अपने घरों की बिजली, गैस कनेक्शन और दीवारों की जांच करें और किसी भी तरह की दरार या नुकसान दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। साथ ही, अफवाहों से बचने के लिए मोबाइल पर मिलने वाली आधिकारिक अलर्ट और जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
उपराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय असर
इस भूकंप ने एक बार फिर उत्तर-पूर्वी भारत की भूकंप संवेदनशीलता की याद दिला दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में प्रशासनिक और सामुदायिक स्तर पर बेहतर तैयारी की ज़रूरत है।
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