मायावती के तीखे बयान के बाद आज़म खान का नरम रुख: “उनका सम्मान करते हैं, अगर ठेस पहुंची तो खेद है”

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रामपुर, उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती द्वारा गुरुवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी के शक्ति प्रदर्शन में विरोधियों को जमकर लताड़ने के बाद अब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान का नरम रुख सामने आया है। मायावती ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए आजम खान और सपा पर कई तीखे हमले किए थे, जिसके बाद आजम खान ने अपने बयान से साफ कर दिया है कि वो मायावती से अच्छे राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध बनाए रखना चाहते हैं।

आज़म खान ने जताया खेद

आज़म खान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “हम मायावती जी का सम्मान करते हैं और अगर मीडिया के माध्यम से उन्हें कोई ऐसी खबर मिली है जिससे उन्हें तकलीफ हुई है, तो मुझे इसका अफसोस है। अगर मुझे उनसे मिलना होता तो यह सिर्फ राजनीतिक कारणों से नहीं होता। हम नैतिक या सामाजिक जरूरतों के लिए भी मिल सकते थे। जब भी जरूरत होती, हम मिल सकते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं मायावती जी का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे मुझे व्यक्तिगत रूप से ठेस पहुंचे।” आजम खान के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि वो मायावती के साथ किसी भी तरह के विवाद या टकराव से बचना चाहते हैं।

लखनऊ में क्या बोली थीं मायावती

गुरुवार को लखनऊ में बसपा के शक्ति प्रदर्शन के दौरान मायावती ने अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा था। बिना नाम लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं को लेकर कई तीखी टिप्पणियां की थीं। उनके बयानों में आजम खान का भी अप्रत्यक्ष जिक्र था, जिसे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया गया।

सियासी समीकरणों में नया मोड़

आजम खान के इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा और सपा के बीच संबंधों को लेकर एक नए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर तब जब दोनों दलों के बीच समीकरण और गठबंधन की संभावनाओं को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। आजम खान का यह नरम रुख इस बात का संकेत देता है कि सपा नेतृत्व बसपा के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचते हुए सकारात्मक राजनीतिक रिश्ते बनाए रखना चाहती है।

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