नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व छात्र और आज़मगढ़ निवासी डॉ. हिफ़्ज़ुर रहमान आज़मी को भारत सरकार ने लीबिया का राजदूत नियुक्त किया है। यह नियुक्ति जामिया के किदवई हॉस्टल के पूर्व छात्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
जामिया के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष बादरूद्दीन कुरैशी ने एक प्रेस नोट जारी कहा कि यह नियुक्ति न केवल डॉ. आज़मी की मेहनत और पेशेवर योग्यता का प्रमाण है, बल्कि जामिया की शिक्षा प्रणाली की उत्कृष्टता को भी दर्शाती है।
विदेश मंत्रालय में शानदार करियर
डॉ. हिफ़्ज़ुर रहमान ने विदेश मंत्रालय में एक लंबा और सफल करियर बनाया है। वे 1 जून 2001 को विदेश मंत्रालय में शामिल हुए थे।

विदेश मंत्रालय मुख्यालय, नई दिल्ली में उनके प्रमुख पद रहे:
- निदेशक (LAC डिवीजन) – जुलाई 2021 से अप्रैल 2023
- OSD, खाड़ी प्रभाग – नवंबर 2005 से सितंबर 2007
- अताशे, खाड़ी प्रभाग – जून 2001 से अगस्त 2002
पिछले दो दशकों से वे लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
- देश की शिक्षा प्रणाली ‘एक्सटोर्शन मशीन’, बच्चों को दबाती और कुचलती है; इसे बदलना होगा: राहुल गांधी

- शामली धर्मांतरण विवाद: “अल्हम्दुलिल्लाह, मैं मुसलमान हूँ, किसी ने दबाव नहीं डाला”— आयुष मलिक का बड़ा बयान

- सोनम वांगचुक ने किया विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

- गंगा-जमुनी तहज़ीब और भाईचारे के साथ मनाएं ईद-उल-अज़हा, सोशल मीडिया पर न डालें कुर्बानी की तस्वीरें: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

- ग़ज़वा-ए-हिंद अब महज़ बकवास, छेड़ा तो दुनिया के नक्शे से मिट जाओगे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के नेता मज़ाहिर ख़ान की दोटूक

