नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026: इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए-आयुष) और ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने नेशनल कमिशन फॉर इंडियन सिस्टम्स ऑफ मेडिसिन (NCISM) की चेयरपर्सन डॉ. मनीषा उपेंद्र कोटिकर से उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. कोटिकर और आयोग के अधीन विभिन्न बोर्डों के नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी।
इस अवसर पर डॉ. सुष्रुत कनोजिया (अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन), डॉ. अल्लम प्रभु गुड्डा (अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ आयुर्वेद), प्रो. आसिम अली खां (अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ यूनानी, सिद्धा एंड सोवा रिगपा) और प्रो. मजहर आलम सहित अन्य अधिकारियों के नाम विशेष रूप से उल्लेखित किए गए।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दिल्ली भारतीय चिकित्सा परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर. एस. चौहान ने किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सीएमई (Continuing Medical Education) के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की मांग की, ताकि प्वाइंट आधारित रिन्यूअल प्रणाली में हो रही अव्यवस्था को दूर किया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पिछली गड़बड़ियों के कारण सीएमई फिलहाल एनसीआईएसएम के नए आदेश तक निलंबित है, इसलिए जल्द दिशा-निर्देश जारी करना ज़रूरी है। साथ ही यह सुझाव भी दिया गया कि एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) की तरह ही एनसीआईएसएम से पंजीकृत डॉक्टरों को समान अधिकार प्रदान किए जाएं।
मुलाकात के दौरान ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के सचिव-जनरल डॉ. सैयद अहमद खां, सीसीआईएम के पूर्व सदस्य डॉ. एन. के. छावनिया, डॉ. रमन खन्ना, डॉ. ओ. पी. वशिष्ठ, डॉ. एम. उस्मान, डॉ. आर. पी. पंचाल, डॉ. अरुण कटारिया और डॉ. के. के. सिंगल भी उपस्थित रहे।
- आधुनिक जीवन में योग स्वस्थ मन और शरीर का आधार: केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किया आह्वान

- आईएमपीसीएल के निजीकरण पर ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस ने जताई चिंता

- दिल्ली: दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, म्यूनिख से लौटते समय फ्लाइट में हुई थी तबीयत खराब

- मुशावरत की बैठक में देश के हालातों पर चिंता; नफरत की राजनीति और नागरिक अधिकारों पर कई प्रस्ताव पारित

- ‘एक कौम, एक वतन हिंदुस्तान’: दिल्ली में जुटे देश के मुस्लिम बुद्धिजीवी, डॉ. इंद्रेश कुमार ने कलाम को बताया युवाओं का रोल मॉडल

