​सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग: मई 2026 में रामपुर पुलिस प्रदेश में अव्वल, कानून-व्यवस्था और शिकायत निस्तारण में मारी बाजी

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रामपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के ‘सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग’ (CM Dashboard Ranking) में जनपद रामपुर ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर अपना परचम लहराया है। मई 2026 की इस रैंकिंग में रामपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में 88.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया।

यह कामयाबी बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) श्री रमित शर्मा और मुरादाबाद परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) श्री मुनिराज जी के कुशल निर्देशन में मिली है। वहीं, जमीनी स्तर पर रामपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सोमेन्द्र मीना एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री अनुराग सिंह के निकट पर्यवेक्षण (Supervision) में टीम ने यह मुकाम हासिल किया।

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रामपुर पुलिस का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड

रामपुर जनपद का सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में दबदबा नया नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक:

  • 22 बार प्रथम स्थान: जुलाई 2024 से लेकर अब तक रामपुर पुलिस ने कुल 22 बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
  • जून 2025 में दूसरा स्थान: जिला सिर्फ एक बार (जून 2025 में) दूसरे स्थान पर रहा था, जिसे छोड़कर इसका प्रदर्शन लगातार शीर्ष पर बना हुआ है।

इन 50 बिंदुओं के आधार पर तय होती है रैंकिंग

सीएम डैशबोर्ड पर प्रदेश के सभी जिलों की रैंकिंग कुल 50 कड़े मानकों (Points) पर की जाने वाली कार्रवाई के आधार पर तय होती है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

1. गंभीर अपराधों एवं अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) एक्ट के तहत कार्रवाई:

  • एससी/एसटी के विरुद्ध अपराध (गंभीर चोट, बलात्कार, हत्या एवं कुल दर्ज अपराध)।
  • जघन्य अपराधों और गैंगस्टर एक्ट की लंबित विवेचनाएं।
  • हत्या (धारा 302, 304), अपहरण (धारा 364), और डकैती (धारा 395, 397) जैसे मामलों में सजा का विवरण।

2. महिला सुरक्षा एवं पॉक्सो (POCSO) एक्ट:

  • महिलाओं के प्रति अपराध (शीलभंग, दहेज मृत्यु, हत्या, बलात्कार और अपहरण) पर त्वरित कार्रवाई।
  • पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों और उनके कोर्ट में निर्णित वादों का विवरण।

3. अपराधियों के खिलाफ कड़े कानून:

  • यूपी गैंगस्टर एक्ट, गुंडा अधिनियम, आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई।
  • वांछित अपराधियों और इनामिया बदमाशों के खिलाफ की गई कार्रवाई।
  • अपराधियों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण का रिकॉर्ड।

4. जनसुनवाई और नागरिक सेवाएं (Citizen Services):

  • जनसुनवाई (IGRS portal) और सीसीटीएनएस (CCTNS) पर शिकायतों का कुल पंजीकरण और उनका प्रभावी निस्तारण।
  • डायल 112: कॉलर संतुष्टि (Caller Satisfaction) और पीआरवी रिस्पांस टाइम (PRV Response Time)।
  • चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate), किरायेदार/पीजी सत्यापन, और घरेलू सहायकों का वेरिफिकेशन।
  • कर्मचारी सत्यापन, जुलूस/प्रदर्शन अनुरोध और फायर सेफ्टी (NOC) जारी करना।

5. अदालती पैरवी और गवाहों की सुरक्षा:

  • अधीनस्थ और सत्र न्यायालयों (Sessions Court) में साक्षीगणों (Witnesses) का विवरण।
  • गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मुकदमों में अदालती फैसलों की स्थिति।

रामपुर पुलिस द्वारा इन सभी 50 बिंदुओं पर बेहतरीन और संतुलित कार्ययोजना लागू करने के कारण ही जिला लगातार प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मामले में रोल मॉडल बना हुआ है।

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