जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत मिली बड़ी उपलब्धि
रामपुर: जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के कुशल नेतृत्व में रामपुर जनपद ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक बड़ी मिसाल कायम की है। गत 24 मार्च 2026 से शुरू हुए 100 दिवसीय सघन टीबी रोगी खोज अभियान में रामपुर ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज करते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
अभियान की मुख्य उपलब्धियां (आंकड़ों की नजर में)
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश ने अभियान की प्रगति का विवरण देते हुए बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सटीक तालमेल से ये आंकड़े हासिल हुए हैं:
- गांवों में स्क्रीनिंग: जनपद के चिन्हित 286 हाई-रिस्क गांवों के सापेक्ष 274 गांवों में स्क्रीनिंग का काम पूरा कर लिया गया है, जो कि तय लक्ष्य का 95 प्रतिशत है।
- जांच और उपचार: अभियान के दौरान कुल 32,983 लोगों के एक्स-रे और 9,133 लोगों की ‘नॉट’ (NAAT) जांच कराई गई। जांच के बाद संक्रमित पाए गए 2,429 टीबी मरीजों का तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया है।
- सफलता और मृत्यु दर: जनपद में टीबी उपचार की सफलता दर 97 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते मृत्यु दर घटकर महज 2.6 प्रतिशत रह गई है, जो बीते वर्षों की तुलना में 40 प्रतिशत कम है।
- पोषण सहायता: जनवरी 2026 से 7 जून 2026 तक कुल 4,860 मरीज उपचाराधीन रहे। इनमें से 3,102 मरीजों को पोषण सहायता किट उपलब्ध कराई गई, जो कुल पात्र लाभार्थियों का 79 प्रतिशत है।
आधुनिक संसाधनों और विशेष अभियान से मिली गति
दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए जनपद में अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है:
- हाईटेक मशीनें: जिले में वर्तमान में 6 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें और 2 मेडिकल मोबाइल यूनिट्स (MMU) लगातार अपनी सेवाएं दे रही हैं।
- जेल में विशेष अभियान: जिला कारागार में भी 7 जून से 10 जून 2026 तक तीन दिवसीय विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत 579 बंदियों का एक्स-रे कराया गया।
इन वर्गों पर है विशेष फोकस:अभियान के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, कुपोषित बच्चों, पूर्व टीबी रोगियों, मधुमेह व एचआईवी संक्रमितों, धूम्रपान करने वालों के साथ-साथ आश्रय गृहों, कारागारों और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की विशेष रूप से स्क्रीनिंग की जा रही है। जिले के 207 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी यह जांच लगातार जारी है।
टीबी मुक्त पंचायत’ में लगातार बढ़ता ग्राफ
जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के साझा प्रयासों से रामपुर की ग्राम पंचायतें लगातार राष्ट्रीय स्तर पर चमक रही हैं:
पिछला रिकॉर्ड: इससे पहले वर्ष 2024 में 15 और वर्ष 2023 में 9 ग्राम पंचायतों ने यह गौरव हासिल किया था
वर्ष 2025: जनपद की 51 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। इसमें बिलासपुर विकासखंड की 3 और स्वार विकासखंड की 1 ग्राम पंचायत को ‘रजत पदक’ मिला।
जिम्मेदारी और अपील
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जन-जागरूकता, समयबद्ध जांच और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि टीबी का कोई भी लक्षण (जैसे दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बुखार या वजन कम होना) दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह पर पूरा इलाज लें।
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