UP Election: आज़म खान से सियासी लोहा लेने चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के आकाश सक्सेना

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आजम खान(Azam Khan) के शहर रामपुर(Rampur) से बीजेपी(BJP) ने एक ऐसे उम्मीदवार को खड़ा किया है, जिसने खुद आजम खान की नाक में दम कर के रखा है. बीजेपी के यह कैंडिडेट हैं आकाश सक्सेना उर्फ हनी ।

आजम खान के खिलाफ 80 से ज्यादा मामले दर्ज कराने और उनकी पैरों कारी करने वाले आकाश सक्सेना को रामपुर नगर से आजम खान के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी बनाकर शायद उन्हें यह इनाम दिया है।

कौन हैं आकाश सक्सेना?

दरअसल आकाश सक्सेना(Akash Saxena) के पिता शिव बहादुर सक्सेना रामपुर की स्वार टांडा विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर ही चार बार विधायक बने और उसके बाद कल्याण सिंह सरकार में मंत्री पद से नवाजे गए। सियासी घराने में पैदा हुए आकाश सक्सेना की रगों में राजनीति शुरू से ही लहू बनकर दौड़ती रही। उन्होंने जब होश संभाला तो पिता को राजनीति के मजबूत स्तूप की तरह पाया। बड़े-बड़े नेताओं से पिता की राजनीतिक पैठ रही और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से उस दौर में बहुत बेहतरीन रिश्ते रहे। यही वजह रही कि आकाश सक्सेना ने जब सूबे में बरसों बाद योगी आदित्यनाथ की कयादत में भाजपा की सरकार बनी तो उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाने की ठानी और उनको सियासत में बुलंदी पर पहुंचाने के लिए समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से टकराने की जरूरत महसूस हुई।

एक जमाना था जब उनके पिता शिव बहादुर सक्सेना भाजपा के विधायक थे और आजम खान समाजवादी पार्टी से विधायक थे। दोनों के रिश्ते अंदरूनी तौर पर बेहतरीन माने जाते थे। फिर भी आकाश सक्सेना ने इन रिश्तो की परवाह न की और राजनीति में कूद पड़े।

उन्होंने सियासत के महारथी आजम खान से लोहा लिया, यहां तक कि राजनीतिक लड़ाई को व्यक्तिगत तक बना डाला।

उनकी ओर से आजम खान के विरुद्ध कई दर्जन मुकदमे दर्ज कराए गए जिसके बाद आजम खान को परिवार सहित जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा और वह अब भी जेल के अंदर बंद हैं जबकि पत्नी तनज़ीन फातमा और उनका बेटा अब्दुल्लाह आजम(Abdullah Azam) जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आ चुके हैं।

अब विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है और चंद दिनों के बाद नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने आकाश सक्सेना को टिकट देकर आजम खान के मुकाबले शहर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार दिया है। अब यह बात अलग है कि चुनाव का परिणाम क्या होगा लेकिन आजम खान और आकाश सक्सेना की दुश्मनी जग जाहिर है।

शहर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना उर्फ हनी के मुताबिक देखिए भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा एक छोटे से कार्यकर्ता को अपनी पार्टी में हमेशा उठाने का कार्य किया है। मैं एक पार्टी का बहुत छोटा सा कार्यकर्ता हूं। मेरे ऊपर पार्टी ने विश्वास किया है और पार्टी को लगता है मैं यहां से जब से देश आजाद हुआ है जब से लेकर आज तक यहां भारतीय जनता पार्टी चुनाव नहीं जीत पाई थी क्योंकि परिस्थितियां हम लोगों के हमेशा विपरीत रही हैं तो पार्टी को ऐसा लगता है मैं कमल खिला सकता हूं और मैं यहां कमल खिलाने ही आया हूं। शुरु से मैं सेवक रहा हूं विद्यार्थी जीवन से ही मैंने 1989 से जब से पिताजी पहली बार विधायक थे तब से उनके साथ उनके चुनाव को सीखना कैसे वह चुनाव लड़ते थे उसका पूरा जो प्रबंधन था उसको देखता था और लगातार जो 4 बार चुनाव जीते वहां से काफी कुछ सीखने को मिला काफी कुछ देखने को वहां मिला और उसके बाद जो रामपुर की सामाजिक लड़ाई जो जिस वजह से रामपुर का जो गरीब तबका है रामपुर का दलित है रामपुर का मुसलमान है जब मैंने यह देखा कि रामपुर में जिस तरीके से अत्याचार आजम ने यहां के लोगों पर किए थे मैं सोचता था की यहां रामपुर में इस तरीके से सामाजिक कार्य की शुरुआत मैं करूं और मुझे मेरी पार्टी ने हिम्मत दी मुझे महाराज जी ने हिम्मत दी जिसकी वजह से आज मैंने वह काम किया जिसमें एक राष्ट्रद्रोह आज सलाखों के पीछे हैं।

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