आज़म ख़ान ने ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, प्रशासन पर साधा निशाना

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Azam Khan breaks silence on 'I love Muhammad' controversy, targets administration
आज़म ख़ान ने 'आई लव मुहम्मद' विवाद पर तोड़ी चुप्पी, प्रशासन पर साधा निशाना

‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर सपा नेता आजम खान ने कहा कि यह भाईचारा खत्म करने की साजिश थी, जिसे प्रशासन ने बढ़ने दिया। उन्होंने सवाल किया, “इतनी छोटी सी बात बड़ा शोला कैसे बन गई?” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अगर प्रशासन चाहता तो बातचीत से मामला सुलझाया जा सकता था, क्योंकि किसी से प्यार करना जन्मसिद्ध अधिकार है।

रामपुर: बरेली में ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिला प्रशासन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक छोटे से मामले को इतना बड़ा मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं थी और समय रहते संवाद से इसे सुलझाया जा सकता था।

रामपुर में मीडिया से बात करते हुए आज़म ख़ान ने कहा, “अगर मैं इसे चिंगारी भी कहूं तो यह इतनी छोटी बात इतनी बड़ा शोला कैसे बन गई? अगर जिला प्रशासन चाहता तो संवाद के जरिए इस मुद्दे को हल किया जा सकता था। हालात कितने भी बिगड़ें, समाधान बैठकर ही निकलता है। युद्धों के परिणाम देख लीजिए।”

समाजवादी पार्टी नेता ने इस पूरे प्रकरण को साजिश करार देते हुए कहा कि यह सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने की साजिश थी। उन्होंने कहा, “जाहिर है, अगर कोई किसी से प्यार करता है तो यह उसका जन्मसिद्ध अधिकार है।”

आज़म ख़ान ने जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामूली मुद्दे को संवेदनशील बनाने की बजाय शुरुआत में ही बातचीत से सुलझाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में टकराव की बजाय संवाद ही एकमात्र रास्ता है।

बतादें कि बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद ने सितंबर 2025 में सांप्रदायिक तनाव को जन्म दिया था, जो बाद में हिंसक रूप धारण कर गया। मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग बिना अनुमति मार्च निकालने लगे, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष हुआ। पत्थरबाजी और हिंसा के बीच कई पुलिसकर्मी घायल हुए और प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ीं। इस प्रकरण के बाद मौलाना तौक़ीर रज़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।