बहरीन: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से सांठगांठ के आरोप में 9 लोगों को उम्रकैद, 2 को जेल

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बहरीन की अदालत ने आज ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉरप्स (IRGC) के साथ सहयोग करने के आरोप में नौ लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी और दो अन्य को तीन साल की जेल दी है। सरकारी समाचार एजेंसी (BNA) के हवाले से जारी फैसले में कहा गया है कि अभियुक्तों पर बहरीन के खिलाफ शत्रुतापूर्ण और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे।

अदालत ने बताया कि आरोपियों ने संवेदनशील आवासीय और सुरक्षा-सम्बंधी स्थानों से जानकारी एकत्र करने के साथ-साथ उन लेनदेन को सुविधाजनक बनाने में भूमिका निभाई, जिनका उद्देश्य देश के अंदरूनी सुरक्षा ढांचे को नुकसान पहुँचाना था। बयान में कहा गया है कि अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्ष और गुप्त दोनों तरह के संचार और वित्तीय रेकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत किए।

सरकारी एजेंसी के अनुसार, उनपर आरोप लगाया गया कि उन्होंने IRGC के साथ संपर्क कर बहरीन के खिलाफ ‘शत्रुतापूर्ण’ योजनाओं के लिए जानकारी और संसाधन उपलब्ध कराये। बहरीन सरकार की तरफ से दायर अभियोग में कहा गया कि यह समर्थन केवल जानकारी साझा करने तक सीमित नहीं था बल्कि कुछ मामलों में आर्थिक लेनदेन और संचालनात्मक सहायता भी शामिल थी।

मानवाधिकार समूहों और अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्थानों ने बीते वर्षों में बहरीन में सुरक्षा मामलों और आतंकवादी आरोपों पर मुकदमों के संचालन पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कई बार प्रक्रिया, साक्ष्य की पारदर्शिता और स्वतंत्र कानूनी पहुंच पर सवाल उठाये गये। हालांकि इस मामले में बहरीन सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर मामले की संवेदनशीलता का हवाला दिया है और विस्तृत सार्वजनिक खुलासे में सीमित रुख अपनाया।

विदेश मंत्रालयों और संबंधित अंतरराष्ट्रीय निकायों से अभी इस फैसले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्रीय पृष्ठभूमि पर विश्लेषकों का कहना है कि फारसी खाड़ी में ईरान और उसके प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच बढ़ता तनाव ऐसे मामलों को और संवेदनशील बनाता है, और छोटे शाही राज्यों के लिए भी आंतरिक सुरक्षा व बाहरी प्रभाव के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

इस फैसले के बाद अभियुक्तों या उनके वकीलों की टिप्पणी उपलब्ध नहीं हुई है। अदालत ने सजा सुनाने की तारीख और विस्तृत आदेश में अपील के बारे में निर्देश भी जारी किये हैं; अपील की समय-सीमा और अगली सुनवाई की तारीख पर सरकारी संचार या सार्वजनिक रिकॉर्ड में बाद में विवरण पेश किये जा सकते हैं।

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