मुरादाबाद मण्डल का गठन और वर्तमान प्रशासन: 14 सितंबर 1980 से अब तक की प्रगति

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Formation of Moradabad Division and its present administration: Progress from 14th September 1980 till date
मुरादाबाद मण्डल का गठन और वर्तमान प्रशासन: 14 सितंबर 1980 से अब तक की प्रगति

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में वर्ष 1980 एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जब रूहेलखण्ड मण्डल को दो हिस्सों में बाँटकर बरेली मण्डल और मुरादाबाद मण्डल का गठन किया गया। इस निर्णय के तहत मुरादाबाद मण्डल में बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर जिले शामिल किए गए।

14 सितंबर 1980 को मुरादाबाद मण्डल के प्रथम आयुक्त के रूप में श्री रामचंद्र टकरू ने पदभार संभारते हुए मण्डल की प्रशासनिक यात्रा का आरंभ किया। तब से लेकर आज तक मुरादाबाद मण्डल ने कई विकासात्मक मुकाम हासिल किए हैं और प्रशासनिक बदलावों का भी अनुभव किया है।

aunjneya kumar

वर्तमान में मण्डल आयुक्त श्री आंजनेय कुमार के कुशल नेतृत्व में मुरादाबाद मण्डल ने अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किए हैं। उनकी कार्यशैली में संवाद आधारित प्रशासन, त्वरित निर्णय क्षमता और जनसंपर्क को मुख्य प्राथमिकता दी जाती है। वे कर्मचारियों के साथ स्पष्ट और प्रेरक संवाद बनाकर टीम भावना को बढ़ावा देते हैं, जिससे प्रशासन में कार्यकुशलता और पारदर्शिता में वृद्धि हुई है।

साथ ही आयुक्त आंजनेय कुमार जनता तक शासन-प्रशासन की पहुँच बढ़ाने के प्रयासों में भी निरंतर जुटे रहते हैं। उनकी सजग निगरानी में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहतर हुई है।

आंजनेय कुमार की प्रतिबद्धता, कुशल प्रशासन और पारदर्शी शासन प्रणाली के चलते क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनकल्याण कार्यों में भी सुधार हुआ है। इसी को देखते हुए शासन ने हाल ही में श्री आंजनेय कुमार का फिर से सेवा विस्तार कर दिया है। यह सेवा विस्तार उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्य के लिए एक सशक्त मान्यता है और आगामी समय में भी वे मण्डल की बेहतर सेवा एवं विकास के लिए समर्पित रहेंगे।

मुरादाबाद मण्डल की यह निरंतर प्रगति और उत्कृष्टता की परंपरा न केवल क्षेत्रीय विकास के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि समस्त प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल भी है।