बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख कुमारी मायावती ने मोदी सरकार को आईना दिखाते हुए पूछा है कि क्या मुगल गार्डन का नाम बदलने से देश के करोड़ों लोगों की समस्याएं दूर हो जाएंगी।
भारत की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री (पूर्व) और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि क्या राष्ट्रपति भवन स्थित प्रसिद्ध ‘मुगल गार्डन’ का नाम बदलने से देश के करोड़ों नागरिकों की समस्या का समाधान हो जाएगा।
मायावती ने कहा कि यह सरकार की नाकामी पर पर्दा डालने की कोशिश है।
ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति भवन के प्रसिद्ध मुगल गार्डन को अब ‘अमृत उद्यान’ के नाम से जाना जाएगा, शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई।
मुगल गार्डन साल में एक बार जनता के लिए खोला जाता है और लोग 31 जनवरी को गार्डन में घूमने जा सकेंगे।
मायावती ने शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ के विवाद पर भी टिप्पणी की और कहा कि देश की पूरी आबादी, कुछ लोगों को छोड़कर, उच्च मुद्रास्फीति, गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रही है, लेकिन उन्हें हल करने के बजाय एक दुखद प्रयास किया जा रहा है बहिष्कार अभियान के माध्यम से लोगों का ध्यान हटाने के लिए।
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