रामपुर: गुजरात की पूर्व रियासत सचीन के नवाबज़ादा कलीम खां का 75 वर्ष की आयु में दिल्ली में इंतकाल हो गया। उनके निधन से सचीन सहित लोहारू और रामपुर के शाही परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे पूर्व सांसद बेगम नूरबानो के फूफीज़ाद भाई और पूर्व मंत्री नवाब काज़िम अली खां उर्फ नवेद मियां के सगे मामू थे। उनकी पत्नी बेगम कहकशां खान रामपुर से ताल्लुक रखती हैं।
महरौली में सुपुर्द-ए-खाक
इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) रुहेलखण्ड चैप्टर के सह-संयोजक काशिफ खां ने बताया कि नवाबज़ादा कलीम खां को दिल्ली के महरौली स्थित लोहारू कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार (तदफीन) में नवेद मियां समेत परिवार के तमाम लोग और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
शाही परिवारों ने जताया गहरा दुख
- नवेद मियां: पूर्व मंत्री नवेद मियां ने गहरे दुख का इज़हार करते हुए कहा, “यह सचीन, लोहारू और रामपुर के शाही परिवारों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।” उन्होंने मरहूम की पत्नी बेगम कहकशां खान और उनके बच्चों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
- बेगम नूरबानो: पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने भावुक होते हुए कहा कि नवाबज़ादा कलीम खां उनके सगे भाई की तरह थे। उनके निधन की खबर अत्यंत कष्टदायक है। उन्होंने मरहूम की मगफिरत (मोक्ष) के लिए अल्लाह से दुआ की है।
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