पटवारी परीक्षा में काेई घोटाला नहीं, मध्‍य प्रदेश को बदनाम करने का षड्यंत्र-डा.नरोत्तम मिश्रा

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पटवारी परीक्षा में काेई घोटाला नहीं, मध्‍य प्रदेश को बदनाम करने का षड्यंत्र-डा.नरोत्तम मिश्रा
पटवारी परीक्षा में काेई घोटाला नहीं, मध्‍य प्रदेश को बदनाम करने का षड्यंत्र-डा.नरोत्तम मिश्रा

गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का खंडन किया है।

मध्यप्रदेश: राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि मध्‍य प्रदेश में पटवारी चयन परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। कांग्रेस और उसके नेता प्रदेश को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रहे हैं।

यह बात राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए मीडिया से बात करते हुए कहीं।

उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी के माध्यम से पटवारी चयन परीक्षा कराई गई, वह आइआइटी, नीट सहित अन्य प्रतिष्ठित परीक्षाएं कराती है। कांग्रेस कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अरुण यादव सहित अन्य कांग्रेस के नेता नौजवानों के मनोबल को तोड़ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

दरअसल मध्यप्रदेश की सड़कों पर छात्रों द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित ग्रुप-दो, सब ग्रुप-चार की पटवारी चयन परीक्षा में भारी गड़बड़ी के खिलाफ भोपाल से इंदौर तक छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को इंदौर में हजारों छात्रों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। छात्र भर्ती रद्द करने के साथ बहाली में हुई गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि कर्मचारी चयन बोर्ड की पटवारी भर्ती परीक्षा का एक केंद्र ग्वालियर में वर्तमान बीजेपी विधायक संजीव सिंह कुशवाहा के महाविद्यालय में बनाया गया था। नतीजे सामने आए तो इस केंद्र के सात छात्रों ने मेरिट सूची में स्थान पाया। वहीं, इस केंद्र से कुल 144 परीक्षार्थियों का चयन हुआ। इसके बाद से ही पटवारी भर्ती में गड़बड़ी का मामला जोर पकड़े हुए है। यह खुलासा कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने किया था।

राहुल गांधी ने इस मामले पर टिप्पड़ी करते हुए कहा कि पटवारी परीक्षा घोटाला, व्यापम घोटाला 2.0 है, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पहले, बीजेपी ने जनता की चुनी हुई सरकार चोरी की, अब विद्यार्थियों से उनका हक़, युवाओं से रोज़गार चोरी कर रही है।