Globaltoday.in| उबैद इक़बाल | हाथरस
उत्तर प्रदेश में हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने में आखिरकर राहुल और प्रियंका गाँधी को कामयाबी मिल ही गई।
दो दिनों की न नुकर के बाद आखिरकर योगी सरकार झुकी और पीड़ित परिवार से राहुल और प्रियंका गाँधी को मिलने की इजाज़त दे दी। राहुल औऱ प्रियंका के साथ केसी वेणुगोपाल, अधीर रंजन चौधरी और पीएल पुनिया भी हैं।
इससे पहले पुलिस ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) को यूपी में दाखिल होने की इजाज़त दे दी थी।
पुलिस प्रशासन का कहना था कि राहुल और प्रियंका समेत पांच लोगों को हाथरस जाने की इजाज़त दी गयी है। लेकिन उसके बावजूद भी काफी लंबे हंगामे के बाद राहुल गांधी और प्रिंयका गांधी को डीएनडी से आगे जाने दिया गया।
अपने कार्यकर्ता को बचाने पुलिस से भीड़ गयीं प्रियंका
हाथरस जाते वक़्त जब प्रियंका गाँधी की गाड़ी ठीक टोल के बैरियर पर थी तब कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं के साथ जाने की ज़िद की तो पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया।
कार्यकर्ताओं को पिटता देखकर प्रियंका गांधी अपनी गाड़ी से उतरीं और उन्होंने तुरंत कांग्रेस नेता और पुलिस के सामने खुद आ गयीं और उन्होंने पूर्व सांसद कमांडो कमल किशोर को पुलिस की लाठियों से बचाया।
इस बीच उन्होंने एक लाठी को भी पकड़ लिया। इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस नेता को पुलिस की लाठियों से बचाते हुए सड़क के बीच से थोड़ा साइड में लेकर गईं और उन्हें बैठा दिया।
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