रामपुर: बहुचर्चित पायल उर्फ जैनब हत्याकांड में मंगलवार को कोर्ट ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह मामला 2018 का है, जब लापता होने के 11 दिन बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जहांगीर के फार्महाउस से पायल का शव तीन टुकड़ों में बरामद किया था।
मुख्य आरोपी जहांगीर ने अपने पिता ताहिर, भाई इमरोज, निसार, प्रभजीत उर्फ सागर और दानिश के साथ मिलकर हत्या की थी। जहांगीर का रिश्ता पायल से तय हुआ था, लेकिन किसी बात को लेकर उसने दूरी बना ली। वह किसी अन्य लड़की से संपर्क में था, जिसका पता चलने पर उसने पायल को रास्ते से हटाने के लिए निर्मम हत्या कर दी। मृतका के भाई राहिल ने थाना गंज में मुकदमा दर्ज कराया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार सक्सेना ने बताया कि पायल घर से सहेली के पास जाने के बहाने निकली थी, लेकिन देर रात तक नहीं लौटी। परिजनों की गुमशुदगी रिपोर्ट पर पुलिस ने छानबीन की। 22 जनवरी को अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी ठहराया था। मंगलवार को सुनवाई में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उम्रकैद और जुर्माना लगाया। सभी दोषी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं। अभियोजन पक्ष के ठोस साक्ष्य और गवाहों ने फैसले में अहम भूमिका निभाई।
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