रामपुर: एसपी विद्यासागर मिश्रा की विदाई पर नम हुईं पुलिसकर्मियों की आँखें, भावुक पलों के साथ दी गई विदाई

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Rampur: Police Personnel Tear Up at SP Vidyasagar Mishra's Farewell; Sent Off Amidst Emotional Moments.
एसपी विद्यासागर मिश्रा की विदाई पर नम हुईं पुलिसकर्मियों की आँखें

रामपुर, उत्तर प्रदेश: वर्दी की सख्ती जब भावनाओं के सैलाब में बदल गई, तो नजारा देखने लायक था। रामपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विद्यासागर मिश्रा का विदाई समारोह गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित हुआ। इस दौरान न केवल पुलिसकर्मियों के अनुशासन में अपनापन दिखा, बल्कि अपने कप्तान को विदा करते हुए कई जांबाज अधिकारियों की आँखें भी नम हो गईं।

विदाई के वो पल, जब शब्द कम पड़ गए

समारोह की शुरुआत औपचारिक सलामी के साथ हुई, लेकिन माहौल जल्द ही भावुकता में बदल गया। जब एसपी मिश्रा ने मंच से अपना विदाई संबोधन शुरू किया, तो पूरा परिसर मौन हो गया। उनके कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और जनता के प्रति समर्पण की यादों ने सभी को भावविभोर कर दिया।

  • एक भावुक संवाद: संबोधन के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “आपने हमें सिर्फ पुलिसिंग नहीं सिखाई, बल्कि हमें एक परिवार की तरह संजोया।” * एसपी का जवाब: एसपी मिश्रा ने भी दिल खोलकर आभार व्यक्त करते हुए कहा, “रामपुर की यह वर्दी मेरे लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि आप सभी के प्यार और विश्वास का प्रतीक थी।”

सख्त पुलिसिंग और सहज स्वभाव की मिसाल

विद्यासागर मिश्रा को रामपुर में उनके दोहरे व्यक्तित्व के लिए याद किया जाएगा—अपराधियों के लिए काल और अधीनस्थों के लिए अभिभावक। उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियाँ रहीं:

  • अपराध नियंत्रण: जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना।
  • सुधार कार्य: महिला सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए उठाए गए कदम।
  • मानवीय दृष्टिकोण: एक युवा कांस्टेबल के शब्दों में, “साहब ड्यूटी पर सख्त थे, लेकिन दिल के बेहद साफ। उनका सहज स्वभाव हमें हमेशा प्रेरित करेगा।”

स्मृति चिन्ह और सम्मान

समारोह में जिलाधिकारी (DM) और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने एसपी मिश्रा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए वक्ताओं ने उन्हें एक ऐसा अधिकारी बताया जिसने रामपुर की पुलिसिंग में नई जान फूँक दी।

विदाई समारोह का समापन एक विशेष विदाई गीत के साथ हुआ, जिसमें सम्मान और बिछड़ने का गम साफ झलक रहा था। एसपी मिश्रा का स्थानांतरण भले ही हो गया हो, लेकिन रामपुर पुलिस के बीच उनकी कार्यशैली और आत्मीयता एक विरासत के रूप में जीवित रहेगी।