रामपुर: DM अजेय कुमार द्विवेदी का सख्त रुख, बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर दिए कड़े निर्देश

Date:

रामपुर: आगामी मानसून और बाढ़ की आशंका को देखते हुए रामपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अजेय कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा की उपस्थिति में जिला आपदा प्रबंधन समिति तथा बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर ‘स्टेयरिंग कमेटी’ की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी अजेय कुमार द्विवेदी ने साफ शब्दों में कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ बेहतर समन्वय (तालमेल) स्थापित कर समय रहते प्रभावी कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिए।

जिलाधिकारी (DM) द्वारा दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश:

1. “जनपद के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे मौसम की सूचना”

जिलाधिकारी ने मौसम विभाग की चेतावनियों को बेहद गंभीरता से लेने की हिदायत दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा या भारी बारिश से जुड़ी कोई भी जरूरी सूचना जनपद के अंतिम व्यक्ति तक समय से पहुंचनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने आमजन को जागरूक करने हेतु एक प्रभावी प्रचार-प्रसार अभियान संचालित करने पर विशेष बल दिया।

2. संवेदनशील गांवों की मॉनिटरिंग और बांधों की मरम्मत

  • अद्यतन सूची: DM ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता बरतने और संवेदनशील व अतिसंवेदनशील गांवों की सूची को तुरंत अपडेट रखने के निर्देश दिए।
  • सिंचाई विभाग को अल्टीमेटम: नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को साफ कहा कि वे तुरंत तटबंधों, बांधों एवं नहरों का निरीक्षण करें और उनकी मरम्मत व सुदृढ़ीकरण का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं।

3. राहत शिविरों में चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश

बाढ़ की स्थिति में विस्थापित होने वाले लोगों के लिए जिलाधिकारी ने राहत शिविरों में उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिविरों में:

  • शुद्ध पेयजल और साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था हो।
  • बिजली और प्रकाश के पुख्ता इंतजाम हों, साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था (बैकअप) तैयार रखी जाए।
  • पर्याप्त राहत सामग्री, खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं का अग्रिम भंडारण (एडवांस स्टॉक) सुनिश्चित किया जाए।

“स्वास्थ्य और पशुधन की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता” – DM अजेय कुमार द्विवेदी

  • स्वास्थ्य विभाग की तैयारी: जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट करते हुए कहा कि जलजनित एवं संक्रामक रोगों से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं, मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस हर वक्त तैयार रहनी चाहिए।
  • पशुपालन विभाग: मवेशियों की सुरक्षा के लिए पशुपालन विभाग को चारे और उनके उचित उपचार की समुचित व्यवस्था समय से करने के निर्देश दिए गए।

4. रेस्क्यू टीमें मुस्तैद, 24×7 एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्यों हेतु नावों, कुशल गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों की उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए 24×7 (चौबीसों घंटे) सख्त निगरानी और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के निर्देश दिए हैं ताकि संकट के समय बिना समय गंवाए तत्काल रिस्पॉन्स दिया जा सके।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नए नियम: अब बिना मंजूरी नहीं गुजरेंगे जहाज, जानें वैश्विक व्यापार पर क्या होगा असर?

मुख्य बिंदु (Highlights): अमेरिका-ईरान समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में...