रामपुर: अवैध और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ रामपुर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. दीपा सिंह के नेतृत्व में शनिवार सुबह से रात 8 बजे तक ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस व्यापक अभियान से जिले के अवैध अस्पताल और क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कार्रवाई करते हुए 15 अस्पतालों और क्लीनिकों को सील कर दिया है। इसके अलावा, 7 संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 10 मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जांच में खुली पोल: बिना डॉक्टरों के चल रहे थे अस्पताल
जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को कई चौंकाने वाली कमियां मिलीं। कई अस्पताल और क्लीनिक बिना किसी योग्य चिकित्सक (डॉक्टर) के ही धड़ल्ले से संचालित हो रहे थे। वहीं, कुछ बड़े संस्थानों में पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और संचालन से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाई गईं।
सील किए गए 15 अस्पतालों व क्लीनिकों की सूची:
- पाल क्लीनिक
- लोधी एक्स-रे एंड एडवांस फिजियोथेरेपी क्लीनिक
- पूजा क्लीनिक
- एसआर चाइल्ड क्लीनिक
- किसन नर्सिंग होम
- सलोनी नर्सिंग होम
- रोजी हॉस्पिटल
- रिया हेल्थ केयर सेंटर
- रॉयल हॉस्पिटल
- पीस वैद्यना हॉस्पिटल
- मैक्स चाइल्ड केयर सेंटर
- ग्लोबल हॉस्पिटल
- स्टार हॉस्पिटल
- बच्चों का अस्पताल (लालपुर)
- नेशनल हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर
आयुर्वेद के नाम पर एलोपैथी का खेल, भर्ती प्रसूताएं कराईं शिफ्ट
छापेमारी के दौरान रिया हेल्थ केयर सेंटर में एक गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया। इस केंद्र के पास ‘आयुर्वेदिक एवं यूनानी’ पद्धति का पंजीकरण था, लेकिन इसके बावजूद यहां बड़े पैमाने पर एलोपैथिक (अंग्रेजी) इलाज किया जा रहा था। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संस्थान को सील कर दिया।
मरीजों का रेस्क्यू: कार्रवाई के वक्त अस्पताल में चार प्रसूताएं (नशिशु को जन्म देने वाली महिलाएं) भर्ती थीं। स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत सरकारी एंबुलेंस बुलाई और चारों महिलाओं को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिलासपुर शिफ्ट कराया।
इन 7 संस्थानों को थमाया गया नोटिस
नियमों में ढिलाई और कमियां पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने वेब हॉस्पिटल, दश हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल और एस रे क्लीनिक समेत कुल 7 चिकित्सा संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
“अवैध रूप से चल रहे अस्पताल बंद होने तक जारी रहेगा अभियान” — CMO
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
“अवैध रूप से अस्पताल और क्लीनिक संचालित करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग गुपचुप तरीके से ऐसे संस्थान चलाकर जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं, उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।”
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