मेरठ में छात्रा की रेप के बाद हत्या,परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

Date:

मेरठ/उत्तर प्रदेश[उरूज आलम]: मेरठ में एक बार फिर एक छात्रा का अपहरण करके उसके साथ दुराचार करने व दुराचार के बाद जान से मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुलिस की लापरवाही के चलते एक छात्रा को न केवल इज़्ज़त गवानी पड़ी बल्कि आरोपी ने बलात्कार के बाद उसकी हत्या भी कर दी और जंगल में फेंक कर फ़रार हो गया। मामला थाना सिविल लाइन क्षेत्र का है ।

2018 10 06 06 37 10
गिरफ़्तार आरोपी

गौरतलब है की दिनांक 3.10.2018 को थाना मवाना क्षेत्र के किशनपुरा बिराना गांव से एमएससी की छात्रा अपने भाई के साले लाखन के साथ मेरठ मूलचंद अस्पताल में आंखे दिखाने के लिए आई थी। लेकिन उसके बाद छात्रा घर नहीं पहुँची। छात्रा के परिजनों ने छात्रा और लाखन की तलाश की लेकिन कुछ पता न चलने पर परिजनों ने थाना सिविल लाइन में पहुँकर छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी चाही लेकिन पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी और परिजनों को मायूस लोटा दिया। लेकिन इसी बीच परिजनों ने लाखन को ढूढं निकाला और पुलिस के हवाले करके पूछताछ करने की बात कही लेकिन यहां भी पुलिस ने बिना पूछताछ के ही आरोपी को छोड़ दिया।
वहीं दूसरे दिन यानी 4 तारीख़ को इस मामले में अधिकारियों ने संज्ञान लिया और अपहरण का मुक़दमा दर्ज कर लिया और आरोपी को दोबारा हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो छात्रा की आख़री लोकेशन थाना परतापुर इलाके के जंगलों में मिली साथ ही आरोपी ने पूरी बात बताते हुए छात्रा की हत्या करने की बात क़बूली। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर छात्रा का शव बरामद कर लिया है। आरोपी लाखन ने पुलिसिया पूछताछ में बताया कि वो छात्रा को अपने गांव के जंगल, खेत दिखाने के बहाने से लेकर गया था और वहां जाकर एक दोस्त की मदद से छात्रा के साथ रेप किया। लेकिन जब छात्रा ने रेप की बात घर बताने की बात कही तो आरोपी को अपनी पोल खुलने का डर सताने लगा और उसने उसकी चुन्नी से उसका गला दबारकर मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी की निशानदेही से क़त्ल में इस्तेमाल हुआ सामान भी बरामद कर लिया है और आरोपी को जेल भेज दिया है। लेकिन परिजनों का आरोप है और बड़ा सवाल भी यही कि अगर समय रहते थाना पुलिस समय से छात्रा के परिजनों की सुन लेती तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी क्योंकि आरोपी और छात्रा की मोबाइल की लोकेशन से आराम से मामला पकड़ में आ सकता था लेकिन पुलिस ने परिजनों को शिकायत को नज़र अंदाज़ करके आरोपी को अपराध करने का पूरा वक़्त दे दिया।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

बंगाल चुनाव का पहला चरण: हिंसा और ईवीएम की खराबी के बीच रिकॉर्ड 92% मतदान

कोलकाता | 23 अप्रैल, 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव...

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

न भूलेंगे, न छोड़ेंगे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने देशभर...

Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

Muslim Rashtriya Manch Marks Pahalgam Attack Anniversary with Nationwide...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल...