Waqf Amendment Bill 2025: जयंत चौधरी के वक्फ बिल का समर्थन करने पर RLD में बगावत, इस नेता ने दिया इस्तीफा

Date:

रालोद (RLD) के जिला महासचिव जकी गोहरी ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। वक्फ संशोधन बिल का जयंत चौधरी द्वारा समर्थन करने से नाराज होकर उन्होंने यह इस्तीफा दिया है।

लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) का जिन पार्टियों ने समर्थन किया है उनके अंदर बग़ावत शुरू हो गयी है। रालोद चीफ जयंत चौधरी ने भी इस बिल समर्थन किया है, इसके बाद रालोद में नाराजगी दिख रही है। जयंत चौधरी के वक्फ बिल का समर्थन करने पर हापुड़ के जकी गोहरी ने नाराजगी जताते हुए रालोद से इस्तीफा दे दिया है।

जकी गोहरी ने रालोद के प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए लेटर में कहा कि यह फैसला करना मेरे लिए आसान नहीं था लेकिन पार्टी के नेतृत्व और नीतियों में जिस तरह से मुसलमानों व अन्य वचिंत समुदायों की उपेक्षा की गई है उसके बाद यह मेरा नैतिक कर्तव्य बन गया है।

पार्टी सत्ता के मोह में सबकुछ भूली

उन्होंने कहा कि पार्टी का दावा था कि सभी समुदाय को साथ लेकर चलेगी व ईमानदार व पारदर्शी राजनीति करेगी लेकिन आज पार्टी सत्ता के मोह में सबकुछ भूल चुकी है। मुसलमानों के मुद्दे पर आप की बेरूखी ने मुझे और मेरे समुदाय को बार बार ठगा हुआ महसूस कराया। पार्टी का नेतृत्व अब जनता के बजाए अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को प्राथमिकता दे रहा है।

जकी गोहरी ने अपने पत्र में उन 232 विपक्षी सांसदों का धन्यवाद किया जिन्होंने वक्फ विधेयक के खिलाफ मतदान किया और सरकार की “तानाशाही” के खिलाफ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि जब सरकार आधी रात को अपने ही मुस्लिम नागरिकों को अपमानित करने के लिए नए कानून ला रही थी, तब 232 विपक्षी सांसद, जिनमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, दलित सभी शामिल थे, एकजुट होकर सरकार का विरोध कर रहे थे।

zaki resign

रालोद के प्रदेश अध्यक्ष राम आशीष राय को संबोधित इस पत्र में मोहम्मद जकी ने कहा कि पार्टी की नीतियों और नेतृत्व से निराश होकर उन्होंने यह कठिन निर्णय लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब सत्ता की लालसा में अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और मुस्लिम समुदाय के मुद्दों की अनदेखी कर रही है।

रालोद के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है यह इस्तीफा

यह इस्तीफा रालोद के लिए एक महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है, खासकर तब जब पार्टी आगामी चुनावों की तैयारी कर रही है। जकी गोहरी के इस्तीफे से पार्टी की मुस्लिम समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं और इससे पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है।

वक्फ बिल मुस्लिम समुदाय के लिए बना हुआ है विवाद का विषय

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे हाल ही में संसद में पारित किया गया है, मुस्लिम समुदाय के लिए विवाद का विषय बना हुआ है। इस विधेयक में वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने और सरकारी निगरानी बढ़ाने का प्रावधान है। समर्थकों का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार कम होगा, जबकि आलोचकों का मानना है कि यह मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और धार्मिक संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाता है।

राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने जेपीसी रिपोर्ट को पक्षपात बताया

विपक्षी दलों ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया है. राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट को “पक्षपाती” और “एकतरफा” बताते हुए वाकआउट किया. उनका आरोप था कि समिति में विपक्षी सदस्यों के असहमति नोटों को शामिल नहीं किया गया।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

बंगाल चुनाव का पहला चरण: हिंसा और ईवीएम की खराबी के बीच रिकॉर्ड 92% मतदान

कोलकाता | 23 अप्रैल, 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव...

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

न भूलेंगे, न छोड़ेंगे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने देशभर...

Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

Muslim Rashtriya Manch Marks Pahalgam Attack Anniversary with Nationwide...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल...