रमज़ानुल मुबारक का दूसरा अशरा आज खत्म हो जायगा जिसके बाद तीसरे अशरे के लिए आज असर की नमाज़ का बाद लाखों मुसलमान एतकाफ़ में बैठ जायेंगे

ग्लोबलटुडे/राहेला अब्बास: एतकाफ़ एक अरबी का शब्द है जिसका अर्थ ठहरना या खुद को रोक लेना है। रमज़ान महीने के आखरी 10 दिन इबादत के लिए मुसलमानो के मस्जिद में ठहरकर इबादात करने को एतकाफ़ कहते हैं।
आह असर की नमाज़ के बाद देश के लाखों मुसलमान 10 दिन के लिए मस्जिद एतकाफ में बैठेंगे और ईद का चाँद देखने के बाद अपने घरों को वापस आएंगे।
कुछ मस्जिदों में एतकाफ में बैठने वालों के लिए खास इंतज़ाम किये जाते हैं जिससे के एतकाफ में बैठने वाले मुसलमानों को कोई दिक़्क़त या परेशानी का सामना न करना पड़े।
रमज़ान के आखरी अशरे (10 दिन) की ताक़ रातों(विषम तारीखों की रात) में मुसलमान रात भर जाग कर नमाज़ें पढ़ते है और पवित्र क़ुरआन की तिलावत करते हैं।
शव्वाल (ईद का) चाँद देखने तक ये मुसलमान मस्जिदों में एतकाफ में रहेंगे और चाँद देखने के बाद अपने अपने घरों को वापस आ जायेंगे।
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