अमेरिका को ग्रीनलैंड का मालिक होना चाहिए ताकि रूस या चीन कब्जा न करें: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड का स्वामित्व अमेरिका के पास होना चाहिए ताकि रूस या चीन जैसी ताकतें उस पर कब्जा न कर सकें। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में वेनेजुएला के तेल भंडार, भारत-पाकिस्तान युद्ध और ईरान की स्थिति पर भी टिप्पणी की।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड के स्वामित्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को इस रणनीतिक और संसाधन-संपन्न क्षेत्र का स्वामित्व अपने पास रखना चाहिए, ताकि रूस या चीन जैसे शक्तिशाली देश इस पर दावा न कर सकें।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड से जुड़े कई पहलुओं पर विचार चल रहा है, लेकिन अब तक धन या खरीद से जुड़ी कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र से जुड़े वित्तीय निर्णय आगे लिए जाएंगे।

ट्रंप ने कहा, “डेनमार्क समझौता करना चाहेगा, लेकिन अगर हमने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं किया, तो अगला पड़ोसी रूस या चीन होगा। हम इन दोनों देशों को अपना पड़ोसी नहीं बना सकते।”

वेनेजुएला के तेल भंडार पर भी चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला मिलकर दुनिया के करीब 55 प्रतिशत तेल भंडार पर नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने बताया कि चीन और रूस अमेरिका या वेनेजुएला से जितना चाहें उतना तेल खरीद सकते हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि वह वेनेजुएला में 100 अरब डॉलर तक का निवेश करने पर विचार कर रहे हैं और वहां के तेल उद्योग के पुनर्निर्माण के उपायों पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि वेनेजुएला ने अमेरिका को हाल ही में 3 करोड़ बैरल तेल दिया है, और अब यह तय किया जाएगा कि किन अमेरिकी तेल कंपनियों को वहां निवेश की अनुमति मिलेगी।

राष्ट्रपति ने घोषणा की कि वेनेजुएला के 5 करोड़ बैरल तेल के शोधन और बिक्री की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। उन्होंने निवेश करने वाली अमेरिका-आधारित तेल कंपनियों को सुरक्षा की गारंटी देने की भी घोषणा की।

“भारत-पाकिस्तान समेत 8 युद्धों को रोका”

ट्रंप ने बातचीत के दौरान दावा किया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने पाकिस्तान और भारत के बीच हुए टकराव सहित आठ अलग-अलग युद्धों को समाप्त कराया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी स्वीकार किया कि उनकी मध्यस्थता से युद्ध टलने के कारण लाखों लोगों की जान बची।

ईरान को दी चेतावनी

ईरान की स्थिति पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वहां हो रही मानवाधिकार हत्याओं पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान में लोगों की हत्या हुई, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब ईरान में सेना तैनात करना नहीं होगा।

ट्रंप ने दोहराया कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई तो संयुक्त राज्य अमेरिका कड़ी और सख्त कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा।

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