मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश), 10 जून: “जीते-जीते रक्तदान, जाते-जाते नेत्रदान” के पावन संदेश को चरितार्थ करते हुए आज ‘विश्व नेत्रदान दिवस’ के विशेष अवसर पर राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक मज़ाहिर रुहैला पठान ने मरणोपरांत अपनी आँखें दान करने का ऐतिहासिक संकल्प लिया है। उन्होंने सी.एल. गुप्ता आई बैंक वेलफेयर सोसाइटी, मुरादाबाद में उपस्थित होकर विधिवत रूप से अपना ‘संकल्प-पत्र’ भरा।
“मेरे जाने के बाद भी कोई मेरी आँखों से देख सकेगा यह संसार”
इस भावुक और प्रेरणादायी क्षण पर बात करते हुए मज़ाहिर पठान ने कहा:
“मैंने स्वेच्छा से अपने नेत्रदान का संकल्प लिया है। मेरी दिली अभिलाषा है कि जब मैं इस दुनिया से विदा हूँ, तो मेरी कॉर्निया किसी जरूरतमंद के काम आ सके। मेरे जाने के बाद भी कोई इस खूबसूरत संसार को मेरी आँखों के जरिए देख सकेगा, इससे बड़ा सुकून और कोई नहीं हो सकता।”
गुरु डाॅ. इन्द्रेश कुमार जी से मिली प्रेरणा
जब उनसे इस नेक कार्य की प्रेरणा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अत्यंत आदर के साथ अपने गुरु को याद किया। उन्होंने बताया:
“यह मानवता की सेवा करने की प्रेरणा मुझे मेरे पूजनीय गुरुवर डाॅ. इन्द्रेश कुमार जी से मिली है। उनके सानिध्य में पिछले 25 वर्षों से समाज और देश के लिए संपूर्ण समर्पण के साथ काम करते हुए मैंने जो सीखा, यह संकल्प उसी सीख का परिणाम है।”
आई बैंक द्वारा सम्मान
मज़ाहिर रुहैला पठान के इस सराहनीय कदम और समाज के प्रति उनके इस जज्बे को देखते हुए सी.एल. गुप्ता आई बैंक की डायरेक्टर डॉ. आशी खुराना द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था ने उनके इस निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि उनका यह कदम समाज के अन्य लोगों को भी नेत्रदान जैसे महादान के लिए प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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