समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान (Azam Khan) के बेटे अब्दुल्ला आजम खान और उनकी पत्नी तन्ज़ीन फातिमा ने रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से नामांकन पत्र भर दिया है।
अब्दुल्लाह आज़म(Abdullah Azam) समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में हैं। इससे पहले भी वह 2017 के विधानसभा चुनाव में रामपुर स्वार विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। लेकिन दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र के विवाद को लेकर उनकी विधायक की को न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने उनकी विधायकी रद कर दी थी। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
माँ-बेटे एक पार्टी और एक ही सीट पर उम्मीदवार
आज ही आजम खान की पत्नी डॉ तंज़ीम फातिमा ने भी रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से पर्चा भरा। उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान भी इसी सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं।
एक बड़ी खबर आई है कि अब्दुल्लाह की माँ यानी आजम खान की पत्नी डॉ तज़ीन फातमा(Tanzin Fatima) ने भी रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से ही पर्चा नामजदगी दाखिल किया है। यह भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर ही चुनावी मैदान में हैं। डॉक्टर तंज़ीम फातिमा जोकि रामपुर नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के बेटे और रामपुर की स्वार विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे अब्दुल्लाह आजम खान एक बार फिर समाजवादी पार्टी के टिकट पर स्वार विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह खुद भी नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए रामपुर कचहरी स्थित आरो के ऑफिस पहुंचे। लेकिन पिछली बार विधानसभा का चुनाव जीतने के बावजूद उनके दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र होने के चलते विधायक पद को न्यायालय में चुनौती दी गई थी जिस पर उच्च न्यायालय से उनकी विधायकी रद्द कर दी थी। अब जब कि एक बार फिर अब्दुल्लाह आजम चुनावी मैदान में हैं लेकिन उनके सर पर चुनाव आयोग द्वारा नामांकन पत्र खारिज कर दिए जाने की तलवार भी लटक रही है।
ऐसे में एक बड़ी खबर यह है कि उनकी माताजी यानी आजम खान की पत्नी डॉ तज़ीन फातमा ने भी रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट से पर्चा नामजद की दाखिल किया है। यह भी समाजवादी पार्टी के टिकट पर ही चुनावी मैदान में हैं डॉक्टर तंज़ीम फातिमा जोकि रामपुर नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक है।
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद बाहर निकली डॉ तंज़ीम फातमा से जब पूछा कि आजम खान की गैरमौजूदगी में चुनाव कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की अदालत सबसे बड़ी है और उनके परिवार के साथ और जो जुल्म हुआ है उसका जवाब जनता वोट से देगी। उन्होंने कहा कि उनका किसी से कोई मुकाबला नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या आप चुनाव लड़ेंगे या अब्दुल्लाह आजम खान उन्होंने कहा कि इंशाल्लाह अब्दुल्लाह आजम खान लड़ेंगे हालांकि वो खुद भी नामांकन पत्र जमा करके बाहर ही निकली थीं।
ऐसे में माना जा रहा है कि यदि अब्दुल्लाह आजम खान का नामांकन रद्द किया जाता है तो उनकी माता समाजवादी पार्टी का परचम थाम लेंगी।
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