रामपुर(रिज़वान ख़ान): समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मो. आज़म ख़ान (Azam Khan) को डूंगरपुर मामले में रामपुर के विशेष MP-MLA कोर्ट ने 10 साल की सज़ा सुनाई और उनपर 14 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया। आज़म खान को मिली सज़ा पर अब उनकी पत्नी डॉ तन्ज़ीन फ़ातिमा ने सवाल उठाये हैं।
डॉ तन्ज़ीन फ़ातिमा ने आज एक प्रेससवार्ता कर मीडिया से कहा कि अगर आज़म खान के विरुद्ध सिर्फ इशारे पर कार्यवाही हो सकती है तो उस टाइम के अधिकारियों पर जिनके आदेश पर आवास बने उनपर क्यों कारवाही नही हुई?
आज़म ख़ान का नाम एफ़आईआर में नहीं?
डॉ. तन्ज़ीन फातिमा ने कहा कि जिस केस में आज़म साहब को 10 साल की सज़ा हुई है उसकी एफ़आईआर में तो आज़म ख़ान का नाम ही नहीं है, सिर्फ़ गवाहों के ही कहने पर उनको ये सज़ा दी गयी है। डॉ तन्ज़ीन ने सवाल उठाया कि इस केस में तो सिर्फ गवाहों के कहने पर अदालत ने सज़ा सुना दी लेकिन जन्म प्रमाण पत्र के मामले में हमने सारी गवाहियां दीं, डिस्चार्ज सेर्टिफिकेट भी दिया जिसमें अब्दुल्लाह के अस्पताल में जन्म का समय तक दिया हुआ है, मेटरनिटी लीव का भी हमने सर्टिफिकेट जो कि शिक्षा विभाग के निदेशक से प्रमाणित है लेकिन उसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। फोरेंसिक एविडेंस भी है, वीडियो एविडेंस भी है लेकिन हमारी गवाहियों को बिलकुल नज़रअंदाज़ कर दिया गया। लेकिन हमारे सारे सबूतों के बावजूद हमें सज़ा दी गयी जबकि डूंगरपुर मामले में सिर्फ गवाहों के कहने पर सज़ा दे दी गयी तो सज़ाओं में दोहरा मापदंड क्यों है?
गौरतलब है कि डूंगरपुर बस्ती के निवासी अबरार नामक व्यक्ति ने थाना गंज में एक मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें आजम खान, सेवानिवृत्त पुलिस क्षेत्राधिकारी आले हसन और ठेकेदार बरकत अली पर घर में घुसकर लूटपाट और मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। उनपर यह भी इल्जाम था कि उन्होंने लोगों के जबरन घर खाली करवाकर उसे ध्वस्त करा दिया था।
- विधानसभा चुनाव 2027: रामपुर में 17 सितंबर से शुरू होगी EVM और VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच (FLC)

- नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों से बढ़ा रामपुर का मान: डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बीईओ बबिता सिंह और प्रधानाध्यापिका वैलेटिना विक्टर को किया सम्मानित

- करीमगंज: चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से की कार्रवाई की मांग

- सऊदी अरब ने मक्का, जेद्दा और ताइफ में हमले की चेतावनी जारी की, बाद में अलर्ट वापस लिया

- मुरादाबाद में ऐतिहासिक कर्बला की जमीन पर अवैध निर्माण का प्रयास, मुतव्ल्ली के विरोध के बाद काम रुका

- समान नागरिक संहिता: ‘अगर बहुमत है तो UCC को संसद से लाएं, अलग-अलग राज्यों से क्यों?’ – उमर अब्दुल्ला

आजम खान विभिन्न मामलों में इस वक्त सीतापुर जेल में बंद हैं और वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिये उनकी पेशी हुई थी।
