बदायूं में दिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब: 12 रबीउल अव्वल पर हिंदू-मुस्लिमों ने अस्पतालों में बांटे फल और तोहफे

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बीजेपी की पूर्व चेयरमैन और अन्य समाजसेवियों ने डॉ. यासीन उस्मानी के साथ मिलकर मरीजों का जाना हाल-चाल, दिया सामाजिक सौहार्द का संदेश।

बदायूं(सालिम रियाज़): पैगंबर हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) के यौम-ए-पैदाइश यानी 12 रबीउल अव्वल के मुबारक मौके पर बदायूं शहर में गंगा-जमुनी तहज़ीब और सच्चे भारतीय भाईचारे की एक बेमिसाल तस्वीर देखने को मिली।

इस खास अवसर पर इस्लामिक इंटेलेक्चुअल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. हाफिज़ यासीन उस्मानी ने अपनी परंपरा को कायम रखते हुए मानवता की सेवा का संकल्प दोहराया और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को फल व तोहफे वितरित किए।

राजनीतिक और वैचारिक मतभेद भूल एक साथ आए लोग

इस सेवा कार्य की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों को दरकिनार कर विभिन्न दलों और धर्मों के लोग एक साथ नजर आए।

बीजेपी की पूर्व चेयरमैन दीपमाला गोयल और समाज सेवी अमन मयंक शर्मा दोनों ने इस पहल में डॉ. उस्मानी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मरीजों का हाल-चाल जाना और उन्हें राहत सामग्री बांटी। अस्पताल परिसर में अलग-अलग विचारों के लोगों को एकजुट होकर पीड़ितों की सेवा करते देख हर कोई भावुक हो उठा।

पैगंबर साहब की तालीमों को किया साकार

पैगंबर साहब की मुख्य तालीमों—दूसरों पर रहम करना, असहायों की मदद करना और इंसानियत की सेवा करना—को इस आयोजन के जरिए बड़ी सादगी और एकजुटता से धरातल पर उतारा गया।

यह आयोजन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि भारत की असली ताकत आपसी सद्भाव में निहित है। बदायूं शहर में इस पहल की चारों तरफ सराहना हो रही है, जिसने समाज में शांति, प्रेम और बंधुत्व का एक बेहद मजबूत पैगाम दिया है।

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