मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश शासन द्वारा हाल ही में किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संगीता सिंह ने मुरादाबाद मंडल के नए कमिश्नर (मंडलायुक्त) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। मुरादाबाद के पूर्व कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें मूल कैडर सिक्किम भेज दिया गया है, जिसके बाद संगीता सिंह को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक सुशासन के साथ-साथ संगीता सिंह अपनी अनूठी प्रकृति-केंद्रित लेखनी और फोटोग्राफी के लिए भी जानी जाती हैं।
‘फायर इन द सेमल ट्री’: उसी पेड़ की छांव में हुआ पुस्तक का अनोखा लोकार्पण
अधिकारियों और साहित्य प्रेमियों के बीच संगीता सिंह की प्रकृति से जुड़ी यात्रा काफी लोकप्रिय रही है। हाल ही में अलीगढ़ में उनकी दूसरी पुस्तक “फायर इन द सेमल ट्री” (Fire in the Semal Tree) का लोकार्पण बेहद अनूठे और नैसर्गिक अंदाज में किया गया:
- पेड़ की छांव में विमोचन: जिस सेमल के पेड़ को देखकर उन्होंने पुस्तक की रचना की, उसी सेमल के पेड़ की छांव में इस किताब का लोकार्पण संपन्न हुआ।
- प्रकृति, पक्षी और सेमल का संगम: पुस्तक में उन्होंने सेमल के पेड़, उस पर आने वाले पक्षियों के जीवन, उनके व्यवहार और प्रकृति व मनुष्य के गहरे रिश्ते को अपने अनुभवों तथा तस्वीरों के माध्यम से सजीव किया है।
- लेखन यात्रा: पक्षियों के अवलोकन से शुरू हुई उनकी यह यात्रा सेमल के वृक्ष पर केंद्रित पुस्तक तक पहुंची। अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच उन्होंने अपनी यात्राओं और फील्ड तैनाती के दौरान मिली स्मृतियों को इस किताब में पिरोया है।
कार्यभार संभालते ही प्राथमिकताएं कीं स्पष्ट
मुरादाबाद में कमान संभालते ही नवागत मंडलायुक्त संगीता सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं:
- कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता: मंडल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना उनकी शीर्ष प्राथमिकता है।
- जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण: उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी व कर्मचारी ‘पब्लिक सर्वेंट’ हैं। जनसुविधाओं, सरकारी योजनाओं और आम जनता की समस्याओं का त्वरित व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
- महिला स्वास्थ्य एवं HPV टीकाकरण: महिला स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी पिछली तैनाती के दौरान उन्होंने HPV (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) टीकाकरण की पहल शुरू कराई थी। इस पहल को मुरादाबाद मंडल में भी नियमित निगरानी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
- राजस्व निस्तारण का ‘श्रीजी’ मॉडल: अपनी पिछली तैनाती में लागू की गई ‘श्रीजी’ (Shreeji – Smart Revenue Resolution Initiative for Good Governance) व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस मॉडल से राजस्व मामलों का निस्तारण अधिक पारदर्शी और प्रभावी हुआ था। मुरादाबाद में भी इस तरह के मॉडल लागू करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
कौन हैं आईएएस संगीता सिंह?
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जन्म एवं मूल निवासी | 4 जनवरी 1968, इटावा (उत्तर प्रदेश) |
| कैडर व बैच | 2009 बैच (2015 में IAS कैडर में प्रमोट हुईं) |
| शैक्षणिक योग्यता | राजनीति विज्ञान (Political Science) में एम.ए. |
| प्रसिद्ध पुस्तक | “Fire in the Semal Tree” (प्रकृति व पक्षियों पर केंद्रित) |
| पिछली तैनाती | अलीगढ़ की मंडलायुक्त (16 जनवरी 2025 से) |
| अन्य प्रमुख पद | जिलाधिकारी (सुल्तानपुर), सीईओ (उत्तर प्रदेश नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम), उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन, नेडा (लखनऊ), स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग तथा शासन में विशेष सचिव |
संगीता सिंह का प्रशासनिक अनुभव काफी समृद्ध रहा है। लखनऊ, प्रयागराज, सुल्तानपुर और अलीगढ़ जैसे प्रमुख मंडलों व जिलों में विभिन्न पदों पर कार्य करने के बाद अब वह मुरादाबाद मंडल में सुशासन, जनसेवा और पर्यावरण संवर्द्धन की नई नींव रखने जा रही हैं।
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