नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि संसद से महज 500 मीटर की दूरी पर देश के भविष्य (छात्रों) के साथ बर्बरता की गई, और इसके लिए गृह मंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
PM Modi, at least have the decency to take responsibility. pic.twitter.com/tFSxAkwUfo
— Congress (@INCIndia) July 29, 2026
राहुल गांधी द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु:
- गृह मंत्री पर सीधे आरोप: राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है। ऐसे में छात्रों पर पैलेट गन, कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल बिना गृह मंत्री की जानकारी या आदेश के संभव नहीं है।
- इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग: उन्होंने कहा, “इस मामले में दो ही बातें हो सकती हैं—या तो अमित शाह ने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया, या फिर वे इस बात से बेखबर थे कि उनके मंत्रालय में क्या हो रहा है। अगर उन्होंने आदेश दिया तो वे दोषी हैं, और अगर उन्हें जानकारी नहीं थी तो वे अयोग्य हैं। दोनों ही परिस्थितियों में उन्हें पद पर रहने का कोई हक नहीं है।”
- संसद में बोलने नहीं देने का आरोप: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाना चाहा तो उनका माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा, “मुझसे कहा गया कि अगर मैं गृह मंत्री पर दिए बयान के लिए माफी मांग लूं तो बोलने दिया जाएगा। लेकिन मैं बीजेपी, आरएसएस या इनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा।”
छात्रों पर बर्बरता के प्रमाण पत्र और तस्वीरें दिखाईं
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने पांच तस्वीरें और एक मेडिकल रिपोर्ट साझा की।
“प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन से वार किया गया। एम्स (AIIMS) के मेडिकल सर्टिफिकेट से पुष्टि होती है कि एक छात्र की आंख में पैलेट लगी है, जिससे उसकी रोशनी जाने का खतरा है। छात्रों को दबाने के लिए कीलों वाली लाठियों और इलेक्ट्रिक बैटन तक का इस्तेमाल हुआ।” — राहुल गांधी
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने संसद परिसर में गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को लगातार फोन पर पुलिस अधिकारियों से बात करते देखा था, जिससे साफ है कि उन्हें सड़क की स्थिति की पूरी जानकारी थी।
पेपर लीक और नए कानूनों पर सवाल
पेपर लीक रोकने के लिए सरकार द्वारा लाए गए सख्त कानूनों पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि महज कड़े कानून बना देने से समस्या हल नहीं होगी।
- प्रभावी क्रियान्वयन की कमी: उन्होंने कहा कि मौजूदा कानूनों के तहत भी अब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
- संवैधानिक अधिकार जारी रहेगा: राहुल गांधी ने दोहराया कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर देश के छात्रों, युवाओं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है और वे पीछे नहीं हटेंगे।
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